DGCA ने एयर इंडिया फ्लाइट में टरबुलेंस की जांच शुरू की, वॉइस रिकॉर्डर कब्जे में लिए

फुकट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2379) में हुए गंभीर टरबुलेंस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने बुधवार को घोषणा की कि DGCA इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। 4 अगस्त 2026 को हुई इस घटना के बाद, एयरक्राफ्ट (Airbus A320neo, रजिस्ट्रेशन VT-EXO) को लैंडिंग के तुरंत बाद सुरक्षित कर लिया गया था। जांच के लिए इसके जरूरी डेटा और वॉइस रिकॉर्डर को DGCA ने अपने कब्जे में ले लिया है (Source: ANI News)।
घायलों की स्थिति और क्रू मेंबर
इस गंभीर टरबुलेंस की घटना में 17 लोग घायल हुए थे, जिनमें 13 यात्री और 4 केबिन क्रू मेंबर शामिल हैं। इनमें से कुछ लोगों को रीढ़ और गर्दन में चोटें आईं। अस्पताल में भर्ती सभी 13 यात्रियों को 5 अगस्त 2026 को दोपहर 3:30 बजे तक डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि 4 क्रू मेंबर अभी भी मेडिकल देखभाल के तहत हैं। मंत्री नायडू ने केबिन क्रू के "बहुत साहसी" आचरण की सराहना की, जिन्होंने टरबुलेंस के बाद लगभग एक घंटे तक यात्रियों की सहायता करना जारी रखा।
एयर इंडिया और विशेषज्ञों के बयान
एयर इंडिया ने इस घटना को "क्रूज के दौरान एक संक्षिप्त टरबुलेंस से जुड़ी घटना" बताया, जिसके कारण ऊंचाई में क्षणिक बदलाव हुआ। हालांकि, यात्रियों के बयां के अनुसार यह एक डरावना अनुभव था, जिसमें विमान कथित तौर पर लगभग 300 फीट नीचे गिर गया और यात्री अपनी सीटों से उछल गए। एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन प्रशांत धौला ने इस तरह की घटनाओं की गंभीरता पर प्रकाश डाला, और बताया कि गंभीर टरबुलेंस जानलेवा हो सकता है और अक्सर ऑटोपायलट को डिस्कनेक्ट कर देता है, जिससे पायलट का नियंत्रण चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एक सीनियर DGCA अधिकारी ने बताया कि पायलट इन कमांड ने अचानक ऊंचाई कम होने के बाद महत्वपूर्ण चोटों की सूचना दी थी।