एनएसओ डेटा का खुलासा: दिल्ली में युवा बेरोजगारी बढ़ी, सरकार से रोजगार की मांग

दिल्ली में बेरोजगारी को लेकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 18 सितंबर 2026 को आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2025 के तहत नए आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, उत्तर दिल्ली के युवाओं में गंभीर बेरोजगारी की समस्या देखी गई है, जबकि पूर्वी दिल्ली में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 18.9% दर्ज की गई है। इस संबंध में अधिक जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में दी गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी के आंकड़े
राष्ट्रीय स्तर पर 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं की बेरोजगारी दर 2022 के 10.9% से घटकर 2025 में 9.9% हो गई है। हालांकि, शहरी युवाओं के सामने अभी भी 13.6% की उच्च बेरोजगारी दर बनी हुई है। इसके अलावा, माध्यमिक शिक्षा और उससे अधिक पढ़े-लिखे लोगों के बीच बेरोजगारी दर घटकर 6.5% रह गई है।
युवा कांग्रेस का अभियान और सरकारी कदम
इस स्थिति के खिलाफ भारतीय युवा कांग्रेस ने 17 सितंबर 2026 को दिल्ली में 'मेरी डिग्री का क्या' नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। दिल्ली युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय Lakra ने कहा है कि भारी निवेश के बाद भी शिक्षित युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। संगठन ने सरकार से एक साल के भीतर 50 लाख से अधिक खाली पड़े सरकारी पदों को भरने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजगार जरूरतों को पूरा करने के प्रयासों के तहत शनिवार, 19 सितंबर 2026 को एक 'रोजगार मेला' में 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।