साबरमती की तर्ज पर संवरेगा यमुना का किनारा, पल्ला से कालिंदी कुंज तक बनेगा रिवरफ्रंट

Kittu Kumari20 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
साबरमती की तर्ज पर संवरेगा यमुना का किनारा, पल्ला से कालिंदी कुंज तक बनेगा रिवरफ्रंट

दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी की सूरत अब बदलने वाली है। दिल्ली सरकार ने यमुना रिवरफ्रंट को पूरी तरह से बदलने की एक बड़ी योजना तैयार की है। इस प्रोजेक्ट के तहत पल्ला से लेकर कालिंदी कुंज तक के इलाके को विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को अहमदाबाद के मशहूर साबरमती रिवरफ्रंट मॉडल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जिससे शहर को एक नया और आधुनिक चेहरा मिलेगा।

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 52 किलोमीटर होगी, जिसे दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पल्ला से वजीराबाद तक का काम होगा और दूसरे चरण में वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक के हिस्से को विकसित किया जाएगा। इस काम को तकनीकी रूप से सटीक बनाने के लिए सरकार साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ एक समझौता (MoU) कर रही है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट की निगरानी और कार्यान्वयन के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जारी है।

साइकिल ट्रैक और स्पोर्ट्स ग्राउंड से सजेगा किनारा

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यमुना के किनारे अब केवल गंदगी नहीं, बल्कि मनोरंजन और सेहत के साधन दिखेंगे। योजना के मुताबिक, यहाँ साइकिल ट्रैक, पैदल चलने के लिए वॉकिंग पाथ, खेल के मैदान और मनोरंजन के लिए खास जगहें बनाई जाएंगी। साथ ही, लोगों को नदी से जोड़ने के लिए किनारों पर झोपड़ियां (huts) बनाने की भी योजना है। वहीं, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को इस पूरे हिस्से के इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन और बाढ़ क्षेत्रों के कायाकल्प की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नदी की सफाई और प्रदूषण कम करने के लिए भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर 2026 को 10 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और 33 नई पहलों की आधारशिला रखेंगे। करीब 8,941.2 करोड़ रुपये की लागत वाले इन 43 प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य सीवर नेटवर्क का विस्तार करना और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाना है। दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा का मानना है कि इन सुधारों के बाद अगले ढाई साल में पानी की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव आएगा।

हालांकि, इस चमक-धमक वाली योजना के बीच पर्यावरण की चिंताएं भी बरकरार हैं। हाल ही में 15 अक्टूबर 2026 को बुराड़ी के पास हजारों मछलियों की मौत का मामला सामने आया, जिसका कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी और बढ़ता प्रदूषण बताया गया। इस बीच, 'चलो यमुना' अभियान के जरिए जनता ने अपनी जागरूकता दिखाई है, जिसमें 35,000 से ज्यादा लोगों ने मिलकर 70 जगहों से करीब 76,755 किलो कचरा हटाया। इस पूरे प्रोजेक्ट का नेतृत्व दिल्ली सरकार, दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग मिलकर कर रहे हैं।

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