यमुना रिवर रिवजूवेनेशन प्रोजेक्ट: दिल्ली सरकार ने शुरू किया व्यापक सर्वे, बदलेगी नदी की सूरत

Kittu Kumari3 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
यमुना रिवर रिवजूवेनेशन प्रोजेक्ट: दिल्ली सरकार ने शुरू किया व्यापक सर्वे, बदलेगी नदी की सूरत

राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए दिल्ली सरकार ने अब कमर कस ली है। यमुना रिवर रिवजूवेनेशन प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने उत्तर दिल्ली के पल्ला से लेकर दक्षिण दिल्ली के जैतपुर तक नदी के विस्तृत टोपोग्राफिकल और बाथमीट्रिक सर्वे की शुरुआत कर दी है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा किए जा रहे इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य नदी के तल की गहराई, तटबंधों की स्थिति और मौजूदा ढांचों का सटीक नक्शा तैयार करना है, ताकि बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग (सफाई) का काम किया जा सके।

नदी की सेहत सुधारने के लिए सरकार अब तकनीक का सहारा ले रही है। करीब 79 लाख रुपये के टेंडर के जरिए एक अंडरवाटर सोनार सर्वे भी शुरू किया गया है। इस सर्वे से यह पता चलेगा कि नदी के तल में कितनी गाद (silt) जमा हो गई है और समय के साथ नदी के बहाव में क्या बदलाव आए हैं। यह पूरी प्रक्रिया आठ महीने तक चलेगी, जिससे न केवल पानी के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी, बल्कि बाढ़ प्रबंधन की व्यवस्था भी दुरुस्त होगी।

जनभागीदारी और अंतरराज्यीय समन्वय पर जोर

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना की सफाई को अपनी सरकार का प्राथमिक लक्ष्य बताया है। इसी दिशा में आम जनता को जोड़ने के लिए 'मैं भी यमुना प्रहरी' मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, ताकि लोग भी संरक्षण प्रयासों में अपना योगदान दे सकें। प्रोजेक्ट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हर 20 दिन में इसकी समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यमुना को दोबारा जीवित करने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर तालमेल होना बेहद जरूरी है।

इस पूरी योजना के कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलू इस प्रकार हैं:

  • गंगा जल का डायवर्जन: ऊपरी गंगा नहर से यमुना में पानी लाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट अक्टूबर 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है।
  • प्रदूषण पर लगाम: डेयरी कचरे को रोकने के लिए एमसीडी (MCD) नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एक समझौता करने जा रहा है।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश: दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के अनुसार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य बुनियादी ढांचों के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है ताकि अनुपचारित कचरा नदी में न गिरे।

यमुना को बचाने की यह मुहिम केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सहायक तौर पर प्रयागराज में भी ससुर खदेरी के आसपास के अतिक्रमण को हटाने के लिए सर्वे किए जा रहे हैं, ताकि नदी तंत्र की समग्र स्वच्छता सुनिश्चित हो सके।

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