दिल्ली में यमुना बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन रुका, NGT ने जताई नाराजगी और दिए निर्देश

नई दिल्ली में यमुना बाढ़ मैदान (खादर) की सीमा का सीमांकन का काम सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (IFC) द्वारा एक संशोधित नक्शा जारी किए जाने के बाद रुक गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने वजीराबाद बैराज से ओखला बैराज तक लगभग 22 किलोमीटर के हिस्से में 277 प्रस्तावित खंभों में से 206 खंभे पहले ही लगा दिए थे। इन खंभों का उद्देश्य मैदान की सीमा को जमीन पर स्पष्ट रूप से चिह्नित करना है ताकि खादर क्षेत्र की रक्षा हो सके और भविष्य में अतिक्रमण रोका जा सके।
- मार्च में शुरू हुआ था सीमांकन का काम, जिसे 31 जुलाई तक पूरा किया जाना था।
- IFC ने 6 जून को DDA को एक संशोधित नक्शा भेजा, जिससे प्रक्रिया रुक गई।
- NGT ने देरी पर नाराजगी जताई और दिल्ली के प्रमुख सचिव (पर्यावरण) को मामले को सुलझाने का निर्देश दिया।
NGT की नाराजगी और निर्देश
जियोस्पेशियल दिल्ली लिमिटेड (GSDL) और IFC के पहले के नक्शे के आधार पर शुरू हुआ सीमांकन कार्य जुलाई तक पूरा होना था, लेकिन जब आधे से ज्यादा खंभे लग चुके थे तब 6 जून को नया नक्शा भेजा गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। NGT ने 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के Principal Secretary (Environment) को एक सप्ताह के भीतर DDA और IFC के बीच इस मामले को हल करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, NGT ने IFC से एक हलफनामा भी मांगा है जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि जब सीमांकन का काम चल रहा था, तब संशोधित नक्शा क्यों जारी किया गया।
अवैध निर्माण पर कोर्ट की सख्ती और कार्रवाई
यह मामला यमुना बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर चल रही कड़ी जांच के बीच सामने आया है। Delhi High Court ने 27 मई 2026 को जोन-ओ में तेजी से हो रहे अवैध निर्माण पर कड़ी असहमति जताई और खादर क्षेत्र की आवासीय कॉलोनियों को "पूरी तरह से अस्वीकार और अवैध" बताया। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि अवैध निर्माण जारी रहा तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, यह देखते हुए कि जोन-ओ में 91 अवैध कॉलोनियों को 31 दिसंबर 2026 तक अस्थायी राहत मिली हुई है। इसके अलग, DDA ने 2 जून 2026 को बुराड़ी के जगतपुर एक्सटेंशन के 'O Zone' में अवैध निर्माण के खिलाफ एक विध्वंस अभियान (Demolition Drive) भी चलाया।