यमुना के किनारे बनेगी 4.7 किमी लंबी सुरक्षा दीवार, दिल्ली सरकार ने दिए 622 करोड़ की मंजूरी

दिल्ली सरकार ने यमुना के किनारे 4.7 किमी लंबी बाढ़ नियंत्रण दीवार बनाने के लिए 622 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
यमुना के किनारे बनेगी 4.7 किमी लंबी सुरक्षा दीवार, दिल्ली सरकार ने दिए 622 करोड़ की मंजूरी

राजधानी दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान आने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शहर के बाढ़ प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने के लिए 622 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट्स को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर से रिहायशी इलाकों को बचाना और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करना है।

इस प्रोजेक्ट के तहत यमुना नदी के किनारे 4.7 किलोमीटर लंबी एक मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, शहर के नालों में जमा होने वाली गाद (silt) की समस्या को खत्म करने के लिए तीन अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जाएगा। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी निर्माण कार्यों को 2027 के मानसून सीजन से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि शहरवासियों को बाढ़ के खतरे से राहत मिल सके।

इन इलाकों को मिलेगा बाढ़ से स्थायी छुटकारा

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, यह सुरक्षा दीवार उन संवेदनशील रिहायशी इलाकों के लिए एक स्थायी ढाल की तरह काम करेगी, जो पिछले कई सालों से बाढ़ की चपेट में रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से सिविल लाइन्स, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे इलाके शामिल हैं।

बता दें कि इस दीवार का निर्माण अगस्त 2024 की जॉइंट फ्लड कमेटी की रिपोर्ट और पुणे स्थित सेंट्रल वॉटर एंड पावर रिसर्च स्टेशन द्वारा किए गए डेटा विश्लेषण के आधार पर किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे नदी के किनारों पर होने वाले कटाव को रोका जा सकेगा और बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

हालांकि, जहां सरकार इसे एक जरूरी कदम बता रही है, वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इस तरह की दीवार से नदी के स्वास्थ्य, बाढ़ के मैदानों (floodplains) की अखंडता और पानी के बहाव पर असर पड़ सकता है।

गौरतलब है कि यह बाढ़ नियंत्रण योजना यमुना की सफाई के लिए चल रहे अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स से अलग है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8,941.22 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की थी, जो मुख्य रूप से गंदे पानी के उपचार और सीवर नेटवर्क के विस्तार पर केंद्रित हैं और जिन्हें मई 2029 तक पूरा किया जाना है।

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