दिल्ली में 8 साल का सबसे बुरा हाल: दिवाली से पहले हवा जहरीली, GRAP III के कड़े प्रतिबंध लागू
दिल्ली-NCR में AQI 400 के पार पहुँचने के साथ GRAP III के कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। निर्माण कार्यों और पुरानी गाड़ियों पर लगी रोक।

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। पिछले आठ सालों में दिवाली से पहले की यह सबसे खराब स्थिति है। 6 नवंबर 2026 को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 से 391 के बीच दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। हालत इतनी गंभीर है कि रोहिणी, आईआईटी दिल्ली, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी और अलीपुर जैसे इलाकों में AQI 450 के पार निकल गया है, जिसे 'गंभीर' श्रेणी माना जाता है।
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (AQEWS) के मुताबिक, आने वाले दिवाली वीकेंड (8 नवंबर तक) के दौरान AQI 400 के पार रहने की आशंका है। प्रदूषण के इस बढ़ते खतरे को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में 6 नवंबर से GRAP III (Graded Response Action Plan) के प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
निर्माण कार्य बंद और गाड़ियों पर सख्ती
प्रशासन ने प्रदूषण को रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनका पालन करना अब अनिवार्य है:
- कंस्ट्रक्शन पर रोक: धूल उड़ाने वाले सभी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। कच्ची सड़कों पर रेत और सीमेंट जैसे मटेरियल की ढुलाई भी प्रतिबंधित है।
- इंडस्ट्री और मशीनरी: गैर-जरूरी स्टोन क्रशर, माइनिंग ऑपरेशंस और हॉट-मिक्स प्लांट को बंद करने का आदेश दिया गया है। केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए ही डीजल जनरेटर (DG) सेट चलाने की अनुमति होगी।
- वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल हल्के मोटर वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है।
- बच्चों की सुरक्षा: स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए शिक्षा अधिकारियों ने कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में पढ़ाई करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इस बार प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की चरम सीमा और मौसम की प्रतिकूल स्थिति है, जिससे प्रदूषक तत्व हवा में जमा हो रहे हैं और साफ नहीं हो पा रहे हैं। अधिकारियों को डर है कि अगर दिवाली पर पटाखों का इस्तेमाल हुआ, तो यह जहरीली हवा और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है।