दिल्ली में महिला सुरक्षा पर वायरल वीडियो से बहस छिड़ी, पुलिस और सरकार पर उठे सवाल

दिल्ली की सड़कों पर महिला सुरक्षा को लेकर एक इंस्टाग्राम क्रिएटर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 20 सितंबर 2026 को सामने आए इस वीडियो में एक क्रिएटर महिला के वेश में रात के समय स्कूटर पर निकला था। उसने दावा किया कि दो घंटे की इस राइड के दौरान उसे लगातार घूरा गया, उसका पीछा किया गया और अनजान लोगों द्वारा उसे परेशान किया गया। इस घटना के बाद राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।
महिलाओं की सुरक्षा के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली पुलिस और प्रशासन भी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। 18 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने 'शिष्टाचार' (एंटी-ईव टीजिंग) दस्तों को मजबूत करने का कदम उठाया और जिला डीसीपी को संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान कर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वरूप नगर में एक नाबालिग के साथ हुए जघन्य अपराध पर स्वतः संज्ञान लिया। 19 सितंबर 2026 को एनसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में पुलिस तीनों नाबालिग आरोपियों को वयस्क के रूप में चलाने के लिएJuvenile Justice Board से संपर्क करने की तैयारी कर रही है।
राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। 18 सितंबर 2026 को राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय की जवाबदेही पर सवाल उठाए। इसके अगले दिन प्रियंका गांधी वाड्रा ने बयान दिया कि सरकार और समाज दोनों ही महिलाओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता सुनिश्चित करने में असफल रहे हैं। दूसरी ओर, विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 16 सितंबर 2026 को बताया कि सरकार ने महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए कानूनों में संशोधन किया है और अपराधों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मिल रही नई चुनौतियों से भी सख्ती से निपट रही है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सरकारी अपडेट के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।