दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा सख्त: पिंक फोर्स और दुर्गा ई-ऑटो योजना को मंजूरी

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है, जिसके बाद प्रशासन ने बड़े कदम उठाए हैं। राजधानी में महिलाओं में असुरक्षा की भावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। महिलाएं रात में सफर के दौरान अपनी लाइव लोकेशन शेयर करने और सतर्क रहने जैसे उपाय अपनाने को मजबूर हैं। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने 22 से 23 सितंबर 2026 के बीच सघन तलाशी अभियान (CASO) चलाया और दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 379 लोगों को हिरासत में लिया।
पिंक फोर्स और सुरक्षा ऑडिट के आदेश
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने महिलाओं की सुरक्षा को सबसे अहम बताते हुए एक समर्पित 'पिंक फोर्स' के गठन का आदेश दिया है। यह विशेष दस्ता गोवा पुलिस की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो स्कूलों, कॉलेजों और मेट्रो स्टेशनों के पास गश्त करेगा। इसके साथ ही उपराज्यपाल ने एक सप्ताह के भीतर दिल्ली के सभी पार्कों का सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश भी दिया है, जिसमें मुख्य रूप से रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी। मनचलों और सार्वजनिक उत्पीड़न पर लगाम लगाने के लिए 'ऑपरेशन शिष्टाचार' भी जारी है।
दुर्गा ई-ऑटो योजना और छात्रों का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली दिल्ली कैबिनेट ने 'दुर्गा ई-ऑटो योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो चलाए जाएंगे, जिनका संचालन केवल महिलाएं और ट्रांसजेंडर लोग करेंगे। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित रोजगार देना और देर शाम व सुबह के समय यात्रा को आसान बनाना है। इसके अलावा चुनिंदा रूटों पर 'लेडीज स्पेशल' बसों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। हालांकि, इन सब के बावजूद लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने खराब स्ट्रीट लाइट और कम गश्त के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है।