दिल्ली की महिलाओं और क्वीर समुदाय ने सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के लिए निकाली मिडनाइट नाइट वॉक

Kittu Kumari27 September 20262 min read1 viewDelhi Local
दिल्ली की महिलाओं और क्वीर समुदाय ने सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के लिए निकाली मिडनाइट नाइट वॉक

दिल्ली में महिलाओं और क्वीर समुदाय के लोगों ने 'डरना मना है' अभियान के तहत नाइट वॉक निकाली। इसका उद्देश्य यह साबित करना है कि रात के समय भी सार्वजनिक जगहें महिलाओं के लिए असुरक्षित नहीं हैं। यह पहल 'वुमन वॉक एट मिडनाइट' के रूप में जानी जाती है और महिलाओं की आवाजाही पर सामाजिक पाबंदियों के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन है। इस आंदोलन की शुरुआत साल 2016 में थिएटर आर्टिस्ट मल्लिका तनेजा ने की थी। अब यह चंडीगढ़, बेंगलुरु, गुवाहाटी, फरीदाबाद, जयपुर और नेपाल के काठमांडू तथा दमक तक फैल चुका है। बिना टिकट और बिना प्रायोजन वाले ये वॉक उन लोगों द्वारा और उनके लिए आयोजित किए जाते हैं जो महिला के रूप में पहचान रखते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रात में शहरी सड़कों पर चलने के अपने मौलिक अधिकार को जताना है। दिल्ली में यह हालिया आयोजन 27 सितंबर 2026 की रात को हुआ, जिसकी शुरुआत 26 सितंबर को कालकाजी में हुई थी। यह आंदोलन राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी नीतियों पर चल रही व्यापक चर्चाओं के बीच हो रहा है।

कानूनी बदलाव और सरकारी कदम

दिल्ली दुकान और प्रतिष्ठान (संशोधन) अधिनियम, 2026 को 23 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी। यह अधिनियम 9 जनवरी को दिल्ली विधानसभा से पास हुआ था। अब यह कानून महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति देता है। इसके लिए शर्त यह है कि नियोक्ता को सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित परिवहन और कम से कम दो महिला कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी। हालांकि, शराब की दुकानों को इन प्रावधानों से बाहर रखा गया है। मुखर्जी नगर की एक हालिया घटना और 2012 के निर्भया मामले के समय किए गए वादों, जैसे देर रात की फीडर बसें, को पूरा न करने पर जनता के गुस्से के बाद पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था

पिछले 15 दिनों में दिल्ली पुलिस ने निवारक जांच और सामुदायिक जुड़ाव को और बढ़ाया है। 24 सितंबर 2026 तक यात्रियों की मदद के लिए महिलाओं के लिए आरक्षित बस रूटों पर समर्पित महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा डीटीसी बसों में सशस्त्र महिला कमांडो को तैनात करने की योजना पर भी काम चल रहा है। कनॉट प्लेस सहित राजधानी भर में महिला अधिकारियों द्वारा गश्त बढ़ाने की बात भी सामने आई है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment