दिल्ली में महिलाएं बना रहीं ड्रग्स का साम्राज्य, कानून के loopholes का कर रहीं इस्तेमाल

दिल्ली के अवैध ड्रग ट्रेड में एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां महिलाएं केंद्रीय भूमिका निभा रही हैं और करोड़ों रुपये की रियल एस्टेट संपत्ति बना रही हैं। The Times of India की 9 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ये महिलाएं मुख्य रूप से शहर की JJ clusters से काम कर रही हैं और कानून के loopholes का फायदा उठाकर कानून प्रवर्तन से बच रही हैं।
- महिला तस्कर साड़ियों की तह में contraband छुपाती हैं।
- गिरफ्तारी और तलाशी के लिए महिला अधिकारियों की अनिवार्य मौजूदगी जैसे सुरक्षा उपायों का फायदा उठाया जाता है।
- पुरुष रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के बाद कई महिलाओं ने इस ट्रेड में कदम रखा है।
- भलस्वा डेयरी और मजनू का टीला जैसे इलाकों में सप्लाई चेन और क्लाइंट नेटवर्क मजबूत किए गए हैं।
कानूनी सुरक्षा उपायों का रणनीतिक उपयोग
जांचकर्ताओं का कहना है कि महिला ड्रग तस्कर अपनी सुरक्षा के लिए बनाए गए प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का फायदा उठाती हैं। इन सुरक्षा उपायों में तलाशी या हिरासत के दौरान महिला कर्मियों की अनिवार्यता, सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच गिरफ्तारी के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति और टिप-ऑफ के आधार पर घर की छापेमारी के दौरान महिला अधिकारी की उपस्थिति शामिल है। इस रणनीतिक उपयोग से उन्हें अधिक operational flexibility मिलती है।
आर्थिक कारण और बढ़ता नेटवर्क
इस बदलाव का कारण आर्थिक कारक भी हैं, जिसमें शराब तस्करी की तुलना में गांजे की कम मात्रा पर काफी अधिक profit margins मिलना शामिल है और ड्रग्स को छुपाना भी आसान होता है। कई महिलाएं अपने पुरुष रिश्तेदारों के गिरफ्तार होने के बाद इस ट्रेड में आती हैं और सप्लाई चेन पर अधिकार जमा लेती हैं।
सरकार और पुलिस की कार्रवाई
इस बढ़ती चुनौती का मुकाबला करने के लिए केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2026 को अपना 2026-29 का anti-narcotics roadmap लॉन्च किया है, जो ड्रग तस्करी और नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाता है (Source: PIB)। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में पुष्टि की कि अवैध तस्करी को रोकने के लिए विभिन्न उपाय लागू किए जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस का एक्शन
दिल्ली पुलिस ने भी अपने operations तेज कर दिए हैं और 28 जून 2026 को अपना "नशा मुक्त भारत पखवाड़ा-2026" अभियान समाप्त किया। पुलिस ने 2025 में NDPS Act के तहत 2,154 मामले दर्ज किए और 2,853 गिरफ्तारियां कीं। 1 जनवरी से 15 जून 2026 के बीच, 1,418 NDPS मामले दर्ज किए गए, जिससे 1,812 गिरफ्तारियां हुईं, और PITNDPS Act के तहत ₹14.99 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। "ऑपरेशन कवच" और बवाना की JJ Colony में गिरफ्तारियों सहित हालिया पुलिस कार्रवाई, इन नेटवर्क को खत्म करने के चल रहे प्रयासों को रेखांकित करती है।