दिल्ली में प्रदूषण का कहर: बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक और ऑफिस टाइमिंग में बदलाव

दिल्ली में AQI 261 पार, सरकार ने लागू किया विंटर एक्शन प्लान। बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक और ऑफिस टाइमिंग में बदलाव।

Kittu Kumari1 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रदूषण का कहर: बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक और ऑफिस टाइमिंग में बदलाव

राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में है। 1 नवंबर 2026 को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अचानक 144 अंक बढ़कर 261 पर पहुंच गया, जिसने हवा को 'खराब' श्रेणी में डाल दिया है। यह इस सीजन का सबसे उच्चतम स्तर है और पिछले 198 दिनों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण बढ़े इस प्रदूषण संकट से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अब कड़े कदम उठाने का फैसला किया है।

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एक व्यापक 'विंटर एक्शन प्लान' लागू किया है, जो जनवरी 2027 की शुरुआत तक प्रभावी रहेगा। इस योजना के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब उन बाहरी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होगा जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते। यह पाबंदी 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी, हालांकि सीएनजी, इलेक्ट्रिक और BS-VI वाहनों को इससे छूट दी गई है।

सख्त पाबंदियां और नए नियम

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प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने केवल वाहनों की एंट्री ही नहीं, बल्कि ईंधन बिक्री पर भी लगाम कसी है। अब 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू कर दी गई है, जिसका मतलब है कि जिस वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) नहीं होगा, उसे पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग शुल्क को 28 फरवरी 2027 तक दोगुना कर दिया गया है।

कार्यालयों में भीड़ कम करने के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब सार्वजनिक और निजी कार्यालयों में केवल 50% कर्मचारी ही भौतिक रूप से उपस्थित होंगे, जबकि बाकी के लिए वर्क फ्रॉम होम या स्टैगर्ड टाइमिंग (बदले हुए समय) का पालन करना होगा। यह व्यवस्था भी 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी। साथ ही, शहर में धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्यों और तोड़-फोड़ पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, केवल जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को ही छूट मिलेगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस संकट से निपटने के लिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे अपने वाहनों के कागजात और प्रदूषण सर्टिफिकेट दुरुस्त रखें, ताकि सीमाओं पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा न हो।

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