दिल्ली में सर्दियों का प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू, वर्क फ्रॉम होम और निर्माण कार्य पर पाबंदी

दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 के तहत कई सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार इस बार प्रतिक्रियात्मक रवैये की बजाय निवारक कार्रवाई कर रही है और विभागों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं। इस योजना में वाहन प्रदूषण, सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियों, औद्योगिक उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाने और ट्रैफिक हॉटस्पॉट को शामिल किया गया है। सरकार 500 पेट्रोल पंपों पर नो पीयूसीसी-नो फ्यूल अभियान को मजबूत करेगी और पुराने वाहनों पर शिकंजा कसेगी।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली मेट्रो की औसत दैनिक सवारी क्षमता को 65 लाख से बढ़ाकर 72 लाख और डीटीसी की सवारी क्षमता को 37 लाख से 42 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्दियों में पीक ऑवर्स का ट्रैफिक कम करने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के समय और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था की योजना बनाई गई है। एमसीडी के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।
निर्माण कार्यों पर भी कड़ी रोक लगाई जाएगी। धूल उड़ाने वाले विध्वंस और बाहरी सिविल निर्माण कार्य 1 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रतिबंधित रहेंगे, जबकि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। निगरानी बढ़ाने के लिए दिल्ली में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों को 47 से बढ़ाकर 60 किया जाएगा और 334 प्रवर्तन दल तैनात किए जाएंगे। प्रदूषण पर नजर रखने के लिए एआई-सक्षम कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण प्रशासनिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, इसलिए एनसीआर स्तर पर समन्वित कार्रवाई की जरूरत है। सरकार ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वैध पीयूसीसी प्रमाण पत्र रखने, खुले में आग न जलाने और 311 हेल्पलाइन या ग्रीन दिल्ली ऐप के माध्यम से प्रदूषण की शिकायतों की रिपोर्ट करने की अपील की है।