दिल्ली में बढ़ी ठंड: CAQM का बड़ा फैसला, अब 50% स्टाफ करेंगे वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली में गिरते तापमान के साथ प्रदूषण से निपटने के लिए CAQM ने 50% स्टाफ के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य किया है।

राजधानी दिल्ली में सर्दियों की आहट के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह और शाम की ठंड अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा है। लेकिन इस बदलते मौसम के साथ ही दिल्ली और NCR के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिसके तहत सरकारी और निजी दफ्तरों में दिल्ली वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम की बात करें तो 31 अक्टूबर को সফদরजंग वेदर स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले एक डिग्री कम है। इससे पहले 30 अक्टूबर को अधिकतम तापमान महज 20.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1951 के बाद अक्टूबर महीने का सबसे निचला स्तर है। सुबह के समय शहर के कई हिस्सों में हल्का कोहरा भी देखा गया, जिससे विजिबिलिटी कम हुई। सुबह 6:30 बजे সফদরजंग में दृश्यता 500 मीटर और पालम में 800 मीटर दर्ज की गई।
प्रदूषण रोकने के लिए CAQM की सख्त गाइडलाइंस
बढ़ते प्रदूषण के खतरे को देखते हुए CAQM ने निवारक निर्देश जारी किए हैं। अब 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 के बीच दिल्ली और NCR के पांच जिलों के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को अपने कुल स्टाफ के 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू करना होगा। इसका मकसद सड़कों पर ट्रैफिक कम करना और हवा की गुणवत्ता को बनाए रखना है।
इतना ही नहीं, इसी अवधि के दौरान NCR में धूल उड़ाने वाले निर्माण और विध्वंस कार्यों पर भी पाबंदी लगाई जाएगी। हालांकि, आवश्यक सेवाओं और कुछ खास इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। राहत की बात यह है कि 31 अक्टूबर की सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 95 दर्ज किया, जिसे 'संतोषजनक' श्रेणी में रखा गया है।
मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है और दिन का तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।