दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए कड़े नियम लागू, 1 नवंबर से बदल जाएगी शहर की रफ्तार
दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण कम करने के लिए BS-VI मानक, वर्क फ्रॉम होम और निर्माण कार्यों पर पाबंदी जैसे सख्त नियम लागू किए हैं।

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। 1 नवंबर 2026 से शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बेहद सख्त उपाय लागू कर दिए गए हैं, जो 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे। दिल्ली सरकार का लक्ष्य वायु गुणवत्ता में सुधार करना है, क्योंकि 31 अक्टूबर तक शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 197 के करीब पहुंच गया था, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है।
इन नए नियमों के तहत, बाहरी राज्यों की वे पेट्रोल और डीजल गाड़ियां जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करतीं, उन्हें दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों, सीएनजी गाड़ियों और आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। साथ ही, 'नो PUC, नो फ्यूल' का नियम सख्ती से लागू किया गया है, जिसका मतलब है कि बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी नहीं दिया जाएगा।
निर्माण कार्यों पर रोक और वर्क फ्रॉम होम का आदेश
शहर में धूल कम करने के लिए निर्माण गतिविधियों पर बड़ी पाबंदी लगाई गई है। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाले किसी भी तरह के बाहरी सिविल कार्य या तोड़फोड़ पर रोक रहेगी। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच केवल अनिवार्य प्रोजेक्ट्स को छोड़कर सभी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रदूषण कम करने के लिए निजी वाहनों के इस्तेमाल को घटाने की कोशिश की गई है। इसके लिए सभी अधिकृत नगर निगम पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया गया है। ऑफिस जाने वालों के लिए भी नियम बदल गए हैं; सरकारी और निजी कार्यालयों में अब केवल 50% कर्मचारी ही भौतिक रूप से उपस्थित होंगे, जबकि बाकी स्टाफ को 31 जनवरी तक वर्क फ्रॉम होम करना होगा।
ऑफिस के समय में भी बदलाव किया गया है। एमसीडी (MCD) के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5:00 बजे तक चलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे।
इन सभी उपायों की निगरानी कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' के तहत की जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग बॉर्डर पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए AI-आधारित कमांड सेंटर और ANPR कैमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें ताकि इस मौसमी संकट को कम किया जा सके।