दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज तक द्वारा शुरू किए गए 'Pollution ka Solution' अभियान में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान सरकारी अधिकारियों ने सर्दियों के महीनों में खतरनाक प्रदूषण स्तर को कम करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। विंटर एक्शन प्लान के तहत मुख्यमंत्री गुप्ता ने 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक सभी निर्माण गतिविधियों पर 42 दिनों के पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की। 500 वर्ग मीटर से अधिक के निर्माण स्थलों पर एआई कैमरों और एक समर्पित 'डस्ट पोर्टल' के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस, चेतावनी तथा वित्तीय दंड का सामना करना पड़ेगा PIB Source।
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 2,011 औद्योगिक इकाइयों के गहन निरीक्षण के बाद महत्वपूर्ण प्रवर्तन कार्रवाई की गई। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 33 कारखानों को बंद करने के आदेश जारी किए और 44 अन्य पर पर्यावरण मुआवजा लगाया। इसके अलावा यह भी नोट किया गया कि 78 सुविधाएं बिना वैध 'कंसेंट टू ऑपरेट' (CTO) प्रमाण पत्र के संचालित हो रही थीं
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इसके अलावा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने हल्के माल वाहक वाहनों (LGVs) के लिए सख्त पंजीकरण अनिवार्य कर दिए हैं। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए पंजीकरण के लिए केवल इलेक्ट्रिक N1-श्रेणी के माल वाहन ही पात्र होंगे। यह नीति 1 जुलाई 2027 तक गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में भी लागू की जाएगी
News On Air Source। ये कदम दिसंबर 2025 के उस आदेश के आधार पर आगे बढ़ाए गए हैं जिसमें पेट्रोल पंपों पर ईंधन खरीदने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) अनिवार्य किया गया था, और साथ ही "मेड इन इंडिया" वायु शुद्धिकरण तकनीकों का निरंतर मूल्यांकन भी जारी है।