दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 किया जारी, 50% WFH और निर्माण कार्यों पर रोक

Kittu Kumari29 September 20262 min read2 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 किया जारी, 50% WFH और निर्माण कार्यों पर रोक

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक विंटर एक्शन प्लान 2026-27 की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और जनभागीदारी को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या का समाधान कर रही हैं। इस योजना में सीएक्यूएम, सीपीसीबी, स्थानीय निकाय, दिल्ली पुलिस और डीएमआरसी जैसी कई एजेंसियों को शामिल किया गया है। योजना के तहत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

वाहन और ईंधन नियम

1 अक्टूबर से सभी 500 पेट्रोल पंपों पर नो पीयूसीसी, नो ईंधन अभियान तेज किया जाएगा। जिन वाहनों के पास वैध पीयूसीसी नहीं होगा और जो अपनी आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें ईंधन नहीं मिलेगा। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी जो बीएस-सिक्स मानकों को पूरा नहीं करते हैं। यातायात के दबाव को कम करने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों में 1 नवंबर से 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा। एमआईडीसी दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा।

निर्माण कार्य और धूल नियंत्रण

1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह रोक होगी। निर्माण स्थलों पर शत-प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज अनिवार्य कर दी गई है। सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए लगभग 3,000 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है। इसमें गहरे स्तर पर सफाई, मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव शामिल है। 37 चिन्हित वायु गुणवत्ता और यातायात हॉटस्पॉट पर साप्ताहिक निरीक्षण किए जाएंगे।

सार्वजनिक परिवहन और निगरानी

दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है और वर्तमान में 5,088 इलेक्ट्रिक बसों सहित कुल 6,840 बसें संचालित हैं। मेट्रो और डीटीसी की दैनिक राइडरशिप बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। 1 अक्टूबर से पूरी तरह सक्रिय होने वाले एआई-सक्षम कमांड और कंट्रोल सेंटर के साथ 334 प्रवर्तन टीमें दो शिफ्टों में काम करेंगी। नागरिक ग्रीन दिल्ली ऐप के जरिए प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और स्वच्छ हवा में सहयोग करने की अपील की है।

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