दिल्ली में 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू, प्रदूषण रोकने के लिए कड़े नियम

दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान और GRAP-1 एक साथ लागू होंगे। बाहरी वाहनों और निर्माण कार्य पर रहेगी सख्ती।

Kittu Kumari30 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू, प्रदूषण रोकने के लिए कड़े नियम

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। 1 नवंबर 2026 से शहर में दिल्ली विंटर एक्शन प्लान और पहले से लागू ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-1) दोनों एक साथ प्रभावी होंगे। इसका मतलब है कि अब दिल्लीवासियों को इन दोनों प्रोग्राम्स की गाइडलाइन्स का पालन करना होगा ताकि हवा की गुणवत्ता को सुधारा जा सके। गौरतलब है कि GRAP-1, जो 201-300 के 'खराब' AQI स्तर के लिए है, 21 अक्टूबर से ही लागू है, जबकि विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा।

वाहनों और निर्माण कार्यों पर रहेगी सख्त नजर

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सबसे कड़ी कार्रवाई गाड़ियों पर की जाएगी। 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक, दिल्ली के बाहर से आने वाले वे वाहन जिन्हें BS-VI मानक का सर्टिफिकेट नहीं मिला है, उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही BS-4 इंजन वाले वाहनों पर भी पाबंदी रहेगी। अब पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए वैध PUC सर्टिफिकेट होना अनिवार्य होगा।

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निर्माण कार्यों को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। धूल उड़ाने वाले किसी भी तरह के निर्माण या तोड़-फोड़ के काम पर पूरी तरह रोक रहेगी, हालांकि घरों के अंदर पेंटिंग और सफेदी का काम किया जा सकेगा। नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए AI-आधारित कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

ट्रैफिक कम करने के लिए सरकार ने पार्किंग शुल्क को दोगुना करने का फैसला किया है, लेकिन दिल्ली मेट्रो की पार्किंग इसमें शामिल नहीं होगी। साथ ही, लोगों को निजी गाड़ियों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए DTC बसों और मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी।

प्रदूषण कम करने के लिए अन्य महत्वपूर्ण कदम इस प्रकार हैं:

  • सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम अनिवार्य होगा।
  • ऑफिस के समय में बदलाव (Staggered hours) किया जाएगा।
  • रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड आउटलेट्स के तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
  • डीजल जनरेटर का उपयोग केवल आपातकालीन स्थिति में ही किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। वहीं पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस साल GRAP के लागू होने में हुई देरी यह दर्शाती है कि हवा को साफ रखने के प्रयास सफल रहे हैं। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही 'दिल्ली बंद' या लॉकडाउन की अफवाहों को भी सिरे से खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि केवल विंटर एक्शन प्लान के प्रतिबंध लागू होंगे।

हालांकि 30 अक्टूबर को हुई बारिश से AQI में कुछ सुधार हुआ और स्तर 'संतोषजनक' रहा, लेकिन IMD और IITM की चेतावनी है कि हवा की धीमी गति और नमी के कारण 5 नवंबर तक AQI दोबारा 'बहुत खराब' (330 से 380) स्तर पर पहुंच सकता है।

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