दिल्ली में विंटर एक्शन प्लान लागू: AQI 'वेरी पुअर' होते ही सरकार ने कसी कमर
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू किया है। जानें गाड़ियों और ऑफिसों के लिए क्या नए नियम हैं।

राजधानी दिल्ली में सर्दी की दस्तक के साथ ही हवा जहरीली होने लगी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर 2026 से अपना व्यापक विंटर एक्शन प्लान आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। शहर के कई इलाकों में सुबह घने स्मॉग की चादर देखी गई, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 'समीर' ऐप के मुताबिक, सुबह 9 बजे तक औसत AQI 222 दर्ज किया गया, जबकि जहांगीरपुरी में यह 345 और पंजाबी बाग में 317 तक पहुंच गया, जो 'वेरी पुअर' श्रेणी में आता है।
प्रदूषण रोकने के लिए सख्त नियम और पाबंदियां
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, जो 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे। इस योजना के तहत अब उन बाहरी राज्यों की गाड़ियों का दिल्ली में प्रवेश वर्जित होगा जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती हैं। हालांकि, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस पाबंदी से छूट दी गई है। साथ ही, अब कोई भी पेट्रोल पंप बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ी में ईंधन नहीं भर सकेगा।
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए नगर निगम की अधिकृत पार्किंग फीस को 28 फरवरी तक दोगुना कर दिया गया है। इतना ही नहीं, ऑफिसों में भीड़ कम करने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों को 31 जनवरी 2027 तक केवल 50% क्षमता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।
धूल और निर्माण कार्य से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए भी सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 के बीच सभी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इन नियमों की निगरानी के लिए AI-सक्षम कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सीधे कमांड सेंटर से जुड़े हैं।
बता दें कि ये उपाय CAQM द्वारा 21 अक्टूबर से लागू किए गए GRAP स्टेज-1 के साथ मिलकर काम करेंगे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस बॉर्डर चेकप्वाइंट्स पर कड़ी निगरानी रख रही है, जबकि मौसम विभाग लगातार डेटा प्रदान कर रहा है ताकि प्रदूषण के स्तर को ट्रैक किया जा सके।