दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू, वाहन और निर्माण कार्य पर सख्त नियम

Kittu Kumari30 September 20262 min read2 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू, वाहन और निर्माण कार्य पर सख्त नियम

दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एक व्यापक 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' की घोषणा की है, जिसके तहत 1 नवंबर 2026 से कई कड़े नियम लागू होंगे। नए दिशा-निर्देशों के तहत, दिल्ली के बाहर पंजीकृत सभी पेट्रोल और डीजल वाहन जो बीएस-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं, उनके राजधानी में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा और केवल सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी जाएगी। निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए, 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा, हालांकि दिल्ली मेट्रो पार्किंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस surcharge से छूट दी गई है। दिल्ली सरकार का यह एक्शन प्लान प्रदूषण से निपटने के लिए बेहद सख्त कदम है।

कार्यस्थल की नीतियों में भी बदलाव किया जाएगा, जिसके तहत 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 के बीच सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए घर से काम करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, ट्रैफिक की भीड़ को कम करने के लिए कार्यालय के समय को अलग-अलग किया गया है, जिसमें नगर निगम (एमसीडी) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। कार्यालयों के समय में बदलाव से सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर चरणबद्ध प्रतिबंध लगाए जाएंगे। धूल पैदा करने वाले बाहरी सिविल कार्यों पर 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंध रहेगा, जबकि 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक सभी निर्माण और तोड़फोड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। सभी निर्माण स्थलों पर 100 प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, 1 अक्टूबर 2026 से 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग करके 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' अभियान को तेज कर दिया गया है। निर्माण कार्यों पर रोक और प्रदूषण जांच अभियान से हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद नीतिगत उपायों को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी भाग लिया। इन नियमों की निगरानी के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमांड सेंटर की मदद ली जाएगी और इसके क्रियान्वयन में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, दिल्ली पुलिस तथा स्थानीय निकाय सहयोग करेंगे। एआई कमांड सेंटर और विभिन्न विभागों के सहयोग से नियमों का पालन सख्ती से कराया जाएगा।

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