दिल्ली विंटर एक्शन प्लान 2026-27: नॉन-BS-VI वाहनों की एंट्री बैन, बिना PUC नहीं मिलेगा ईंधन

राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 अक्टूबर 2026 को इस योजना की घोषणा की, जिसके तहत 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक कड़े नियम लागू रहेंगे। यह कदम वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में आई गिरावट के बाद उठाया गया है, जहां 20 अक्टूबर को AQI 179 था जो 21 अक्टूबर की दोपहर तक बढ़कर 244 हो गया। इसी वजह से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को भी सक्रिय कर दिया गया है।
इस योजना के तहत सबसे बड़ा प्रहार बाहरी वाहनों पर किया गया है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे वाहन जो BS-VI मानक पूरे नहीं करते, उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा, 'नो PUC, नो फ्यूल' की नीति 1 अक्टूबर से ही लागू हो चुकी है, जिसका मतलब है कि बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर ईंधन नहीं मिलेगा। इसकी निगरानी के लिए ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
परिवहन और निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए सरकार ने पार्किंग शुल्क में बड़ा बदलाव किया है। 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग लॉट्स में फीस दोगुनी कर दी जाएगी, हालांकि दिल्ली मेट्रो (DMRC) की पार्किंग पर यह नियम लागू नहीं होगा। ट्रैफिक कम करने के लिए ऑफिस के समय में भी बदलाव किया गया है। एमसीडी ऑफिस अब सुबह 8:30 से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के ऑफिस सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। साथ ही, सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के दफ्तरों को अपने 50% कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण कार्यों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाले किसी भी बाहरी सिविल कार्य या तोड़-फोड़ पर रोक रहेगी। सबसे सख्त पाबंदी 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक होगी, जब सभी तरह के निर्माण और विध्वंस कार्यों को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। सभी निर्माण साइटों के लिए 100% सीसीटीवी कवरेज अनिवार्य है और उन्हें 'मलबा ऐप' पर पंजीकरण कराना होगा। मंत्री मनिंदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट किया कि ये सभी उपाय वाहनों और निर्माण से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए गए हैं।