दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 लॉन्च किया

Kittu Kumari30 September 20262 min read3 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 लॉन्च किया

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए व्यापक 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' लागू कर दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले स्मॉग और प्रदूषण से निपटना है। इस खबर से जुड़े विस्तृत अपडेट और आधिकारिक जानकारी आप DD News पर देख सकते हैं। शुरुआत में 1 अक्टूबर से 500 पेट्रोल पंपों पर 'नो पीयूसी सर्टिफिकेट, नो फ्यूल' अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग होगा। इसके अलावा, 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-VI डीजल और पेट्रोल वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, हालांकि सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन इसमें शामिल नहीं होंगे। प्राधिकृत स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा, लेकिन मेट्रो पार्किंग को इससे छूट दी गई है।

निर्माण कार्य और कार्यालयों के समय में बदलाव


योजना के तहत 1 नवंबर से 31 जनवरी के बीच निर्माण गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे। आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को छोड़कर, 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच विध्वंस और सिविल कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यातायात को प्रबंधित करने और उत्सर्जन को कम करने के लिए, सरकारी और स्वायत्त कार्यालय 1 नवंबर से 28 फरवरी तक 50% वर्क फ्रॉम होम का पालन करेंगे। संशोधित कार्यालय समय के अनुसार, एमसीडी कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक और अन्य दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे।

तकनीकी अपग्रेड और सार्वजनिक परिवहन पर जोर


प्रदूषण की निगरानी के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है और 334 प्रवर्तन टीमों को तैनात किया गया है। सरकार आईआईटी-दिल्ली के सहयोग से वास्तविक समय में पीएम 2.5 और पीएम 10 स्रोतों की निगरानी करेगी। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 72 लाख दैनिक मेट्रो यात्रियों और 42 लाख डीटीसी यात्रियों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें वर्तमान में 6,840 बसों में से 5,088 बसें इलेक्ट्रिक हैं। इसके अतिरिक्त, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत इस साल 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसकी अधिक जानकारी DD News पर उपलब्ध है।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक और ऐतिहासिक आंकड़े


केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 28 सितंबर 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ इस योजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री गुप्ता ने साफ हवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया, जबकि मंत्री सिरसा ने धूल को रोकने के लिए 31 अक्टूबर तक सड़क मरम्मत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि 2025 पिछला पांच वर्षों का सबसे साफ साल था, फिर भी पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से ऊपर बना हुआ है। 2026 की यह रणनीति पिछले ढांचे पर आधारित है, जिसमें जी+5 ऊंचाई और उससे अधिक की इमारतों के लिए एंटी-स्मोग गन को अनिवार्य किया गया है।

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