दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 का किया ऐलान

दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 की घोषणा की है। यह फैसला 28 सितंबर 2026 को हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जिसमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा शामिल थे (Source)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि निवासियों को स्वस्थ वातावरण देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है (Source)।
प्रदूषण नियंत्रण के कड़े उपाय
1 अक्टूबर से 500 पेट्रोल पंपों पर नो पीयूसीसी, नो फ्यूल अभियान शुरू होगा। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा और पार्किंग फीस दोगुनी होगी। प्रदूषण घटाने के लिए सरकारी और स्वायत्त कार्यालयों में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम नीति लागू होगी। एमसीडी कार्यालय सुबह 8:30 से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।
निर्माण कार्य और तकनीकी कदम
1 नवंबर से 31 जनवरी तक बाहरी सिविल और तोड़फोड़ के काम प्रतिबंधित रहेंगे, और 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। औद्योगिक निगरानी के लिए एआई-सक्षम कमांड सेंटर बनाया गया है, वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र 47 से बढ़ाकर 60 किए गए हैं, और 609 किमी छोटी सड़कों के लिए 30 इलेक्ट्रिक रोड स्वीपर तैनात किए गए हैं। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
सार्वजनिक परिवहन और निगरानी
मेट्रो सारथी ऐप को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 6,840 बसों में से 5,088 इलेक्ट्रिक बसें हैं। पर्यावरण मंत्री सिरसा ने 31 अक्टूबर तक गड्ढे भरने सहित सभी सड़क मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं और अवैध कचरा जलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। 2026 की योजना के तहत 1 अक्टूबर से नागरिकों के लिए पोर्टल और 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की गई हैं।