दिल्ली की हर बिल्डिंग का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, गृह मंत्रालय ने MCD को दिया ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश

Kittu Kumari16 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली की हर बिल्डिंग का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, गृह मंत्रालय ने MCD को दिया ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश

राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय में पालम, मालवीय नगर और विवेक विहार जैसे इलाकों में हुए भीषण अग्निकांडों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इन हादसों के बाद अब केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली की हर एक इमारत का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस मुहिम के तहत अब पॉश इलाकों की आलीशान इमारतों से लेकर अनधिकृत कॉलोनियों के रिहायशी मकानों तक, किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा।

इस बड़े अभियान को जमीन पर उतारने के लिए गृह मंत्रालय ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को एक विस्तृत फ्रेमवर्क या ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया है। MCD को यह बताना होगा कि इस पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, कितना बजट खर्च होगा और कितने कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में दिल्ली सरकार, MCD, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), DDA और NDMC के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। MCD को अक्टूबर के अंत तक अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपनी है, जिसके बाद आगे की औपचारिक कार्रवाई की जाएगी।

नए नियमों से बदलेगी सुरक्षा की तस्वीर

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यह पूरी कवायद 28 अगस्त 2026 को अधिसूचित 'दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2026' के तहत की जा रही है। नए नियमों में सुरक्षा के कड़े मानक तय किए गए हैं, जिनमें मुख्य बातें शामिल हैं:

  • फायर इंजन के आने-जाने के लिए कम से कम 6 मीटर का रास्ता (Right of Way) होना अनिवार्य होगा।
  • इमारतों में सुरक्षित एग्जिट रूट और ऑटोमैटिक स्मोक व फायर डिटेक्शन सिस्टम होने चाहिए।
  • आग को फैलने से रोकने के लिए फायर-चेक दरवाजों का प्रावधान होगा।
  • अब थर्ड-पार्टी ऑडिटिंग पर जोर दिया जाएगा, जिससे प्राइवेट प्रोफेशनल्स इमारतों का निरीक्षण कर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी कर सकेंगे।

हालांकि, इस योजना के सामने एक बड़ी चुनौती पैनल में शामिल थर्ड-पार्टी ऑडिटर्स की कमी है। आर्किटेक्ट्स ने इस संबंध में पात्रता नियमों में ढील देने की मांग की है ताकि ऑडिट की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। यह पूरी योजना DDA द्वारा संशोधित यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज (UBBL-2016) के नोटिफिकेशन के साथ लागू होगी।

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