दिल्ली में 4 साल की सबसे भारी अक्टूबर बारिश, सड़कों पर भरा पानी

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली। 12 अक्टूबर 2026 को हुई जोरदार बारिश और गरज-चमक ने शहर की रफ्तार थाम दी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, सफदरजंग वेधशाला में पिछले 24 घंटों में 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले चार सालों में अक्टूबर महीने का सबसे गीला दिन बन गया है। इस भारी बारिश की वजह से करोल बाग के झंडेवालान मंदिर के आसपास सहित कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर तापमान पर भी साफ नजर आया। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम था और इस महीने का अब तक का सबसे कम तापमान है। पूरे शहर में न्यूनतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।
अगले 6 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने शुरुआत में दिल्ली के सभी 11 जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया था, जिसमें 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। बाद में इसे येलो और ऑरेंज अलर्ट में बदला गया। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। IMD के अनुसार, यह मौसम पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और वायुमंडलीय नमी के मिलन के कारण बना था।
राहत की बात यह है कि अब अगले छह दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है और आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि, तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं, न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि 13 से 15 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। साथ ही, 14 और 15 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाली सड़कों और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।