ऊपरी गंगा नहर बंद: दिल्ली में पानी की किल्लत, अब यमुना के भरोसे शहर

ऊपरी गंगा नहर के रखरखाव के कारण दिल्ली में पानी की सप्लाई प्रभावित होगी। NDMC ने निवासियों को पानी संभलकर इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
ऊपरी गंगा नहर बंद: दिल्ली में पानी की किल्लत, अब यमुना के भरोसे शहर

राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए आने वाले कुछ दिन पानी की किल्लत वाले हो सकते हैं। ऊपरी गंगा नहर के वार्षिक रखरखाव (Annual Maintenance) के चलते इसे बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से दिल्ली को अब पूरी तरह से यमुना नदी के पानी पर निर्भर रहना होगा। इस बदलाव के कारण शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई कम हो सकती है और पानी के स्वाद में भी फर्क महसूस हो सकता है।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा इस नहर को 20 और 21 अक्टूबर की मध्यरात्रि को बंद किया गया था। यह बंदी 8 नवंबर की मध्यरात्रि तक जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि नहर की गाद निकालने (desilting), जरूरी मरम्मत और आगामी 'अर्ध कुंभ' मेले की तैयारियों के लिए यह काम बेहद आवश्यक है। इस रखरखाव के बाद ही नहर में पानी का प्रवाह दोबारा शुरू होगा।

इन इलाकों पर पड़ेगा असर और सरकार की तैयारी

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नहर बंद होने का सीधा असर सोनिया विहार और भागीरथी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर पड़ा है, क्योंकि इन्हें कच्चा पानी इसी नहर से मिलता है। इसके चलते न्यू दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण दिल्ली के इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुताबिक, अगले करीब 20 दिनों तक शहर की जलापूर्ति पर दबाव बना रहेगा।

स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार से अनुरोध किया है कि हथनीकुंड बैराज के जरिए यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाए, ताकि कमी को पूरा किया जा सके। वहीं, NDMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का उपयोग बेहद सावधानी और किफायत से करें। आपातकालीन स्थिति के लिए बूस्टर पंप और पानी के टैंकरों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां रखरखाव के कारण समस्या आ रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए करीब 8,941.22 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति और सीवरेज विस्तार परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं। जापान दूतावास और जाइका (JICA) के सहयोग से यमुना में गिरने वाले बिना उपचारित गंदे पानी को कम करने की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं।

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