दिल्ली सरकार ने 2500 करोड़ से पूरे राजधानी में नाली की कहानी बदलने का पैकेज किया लांच

दिल्ली सरकार राजधानी में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, एसटीपी, ड्रेनेज और वाटर मैनेजमेंट से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि कैपिटल की वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए यूनियन फाइनेंस मिनिस्ट्री के जरिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से 2,500 करोड़ रुपये का लोन मंजूर किया गया है। इस दौरान दिल्ली के वाटर मिनिस्टर परवेश साहिब सिंह भी मौजूद रहे।
दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है, जिसकी कुल लागत करीब 1,741 करोड़ रुपये है। इसमें 70 प्रतिशत फंडिंग एडीबी और 30 प्रतिशत दिल्ली सरकार दे रही है। वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कमांड एरिया में पानी की सप्लाई सुधारने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने पैकेज-1 (805 करोड़ रुपये) और पैकेज-2 (935 करोड़ रुपये) को मंजूरी दी है। इससे 43.96 वर्ग किलोमीटर एरिया, 9 यूजीआर कमांड एरिया और 8 विधानसभा क्षेत्र आधुनिक वाटर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से जुड़ेंगे।
मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, आजादपुर, केशवपुरम, पीतमपुरा, शालीमार बाग, त्रिनगर, पश्चिम विहार, रानी बाग, वजीरपुर और अशोक विहार जैसे इलाके इसके दायरे में आएंगे। प्रोजेक्ट के तहत 836 किलोमीटर का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाया जाएगा, जिसमें 570 किलोमीटर नई या बदली हुई पाइपलाइन शामिल हैं। पानी के फ्लो और लीकेज को ट्रैक करने के लिए एससीएआरए, स्मार्ट मीटरिंग और 131 डीएमए स्थापित किए जा रहे हैं।
वेस्ट और साउथ-वेस्ट दिल्ली के लिए 11,427 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट प्लान किया गया है। स्थानीय विकास कार्यों में हर्ष विहार, शकूर बस्ती में 18 एमएलडी क्षमता का अंडरग्राउंड रिजर्वोय और बाटला हाउस तथा अबुल फजल एन्क्लेव में यूजीआर और बूस्टर पंपिंग स्टेशन शामिल हैं। सैनिटेशन के लिए 2,990 करोड़ रुपये 28 डिसेंट्रलाइज्ड एसटीपी के लिए और 1,090 करोड़ रुपये पुराने सुधारने के लिए आवंटित किए गए हैं।