दिल्ली में पानी की बर्बादी रोकने के लिए AI कमांड सेंटर लॉन्च, अब तकनीक से पकड़ेंगे लीकेज

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में पानी की बर्बादी रोकने के लिए AI कमांड सेंटर लॉन्च, अब तकनीक से पकड़ेंगे लीकेज

राजधानी दिल्ली में पानी की किल्लत और पाइपलाइनों के बार-बार फटने की समस्या से निपटने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया जाएगा। दिल्ली के जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को एक आधुनिक 'इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' (IC³) और एक विशेष इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल का उद्घाटन किया। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य तकनीक के जरिए पानी की बर्बादी को कम करना और बुनियादी ढांचे के प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

यह नया IC³ प्लेटफॉर्म डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी और AI का इस्तेमाल करता है। यह सिस्टम SCADA, GIS, स्मार्ट मीटर और GPS से लैस वाहनों के डेटा को एक जगह जोड़ता है। इसकी मदद से अब यह पहले ही पता लगाया जा सकेगा कि पाइपलाइन कहां फट सकती है या किन इलाकों में पानी का दबाव कम है। रियल-टाइम डिमांड पैटर्न का विश्लेषण करके पानी की बर्बादी को न्यूनतम स्तर पर लाने की कोशिश की जाएगी।

इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल और बुनियादी ढांचे पर बड़ा निवेश

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सिर्फ डिजिटल सिस्टम ही नहीं, बल्कि जमीन पर त्वरित कार्रवाई के लिए एक हाई-टेक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल भी तैनात किया गया है। इस वाहन में हाई-कैपेसिटी सबमर्सिबल पंप, 60 kVA का जनरेटर और मरम्मत के लिए विशेष उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी बड़ी पाइपलाइन खराबी के समय तुरंत रिपेयरिंग की जा सके। यह पूरी पहल दिल्ली जल बोर्ड के चंद्रावल वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के तहत JWIL इंफ्रा लिमिटेड द्वारा लागू की जा रही है, जो फिलहाल दिल्ली के करीब 10% भौगोलिक क्षेत्र और आबादी को कवर करती है।

मंत्री परवेश साहिब सिंह ने इस मौके पर कहा कि पानी के प्रबंधन का मुख्य लक्ष्य बर्बादी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि निवासियों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने जोर दिया कि तकनीक का असली मकसद आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

दिल्ली सरकार पानी और सीवरेज नेटवर्क को सुधारने के लिए बड़े निवेश की योजना पर काम कर रही है, जिसमें 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा, 'वन ज़ोन, वन ऑपरेटर' मॉडल के तहत 17,969 करोड़ रुपये का सीवर रखरखाव कार्यक्रम और दक्षिण दिल्ली के लिए 6,044 करोड़ रुपये का वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसमें क्लोरीन सेंसर वाले स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। साथ ही, बिलिंग और कनेक्शन प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए 'दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन 2026' को भी मंजूरी दे दी गई है।

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