सरिता विहार में FCTS प्लांट शुरू, कचरा प्रबंधन के लिए दिल्ली सरकार ने उठाए बड़े कदम

दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सरिता विहार के एम-ब्लॉक में फिक्स्ड कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (FCTS) प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने न केवल प्लांट की शुरुआत की, बल्कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और परिवहन के लिए नए वाहनों को भी हरी झंडी दिखाई। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इन वाहनों के संचालन के लिए 35 महिला ड्राइवरों को नियुक्त किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता दोनों को बढ़ावा देगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाने के लिए 1,000 मैकेनिकल लिटर पिकर्स की तैनाती की घोषणा की। पहले चरण में 50 मशीनों को रवाना किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मेयर प्रवेश वाही और डिप्टी मेयर मोनिका पंत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
लैंडफिल की समस्या से निपटने के लिए नई रणनीति
मुख्यमंत्री ने कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि दिल्ली में रोजाना निकलने वाले 15,000 मीट्रिक टन कचरे में से अब तक केवल 6,000 से 7,000 मीट्रिक टन ही प्रोसेस हो पाता था, जिसकी वजह से लैंडफिल साइट्स का आकार बढ़ता जा रहा है। इस समस्या को खत्म करने के लिए अब नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने, मौजूदा क्षमता बढ़ाने, ई-वेस्ट सेंटर खोलने और गोबर प्रबंधन के लिए बायोगैस प्लांट बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के लिए संसाधनों का बड़ा विस्तार किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
- 428 ऑटो टिपर्स और 128 ई-रिक्शा।
- डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए 25 टाटा 407 वाहन।
- 27 रिफ्यूज कॉम्पैक्टर्स और 30 हुक लोडर्स।
- 100 कॉम्पैक्टर बिन्स और हजारों की संख्या में स्टील व HDPE डस्टबिन्स।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने 1,000 बैटरी चालित पिकर मशीनों का इंतजाम किया है, जिनमें से 150 आ चुकी हैं और बाकी एक महीने में मिल जाएंगी। साथ ही, 100 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के लिए भी फंड आवंटित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे पुराने कपड़ों को रीसाइक्लिंग के लिए मेट्रो स्टेशनों के पास बने 'अर्पण' केंद्रों पर जमा करें। साथ ही, धार्मिक मूर्तियों और सामग्री के सही निस्तारण के लिए 250 वार्डों में इमर्शन कियोस्क बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 100 तैयार हो चुके हैं। मेयर प्रवेश वाही ने भी लोगों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने की अपील की, ताकि एक बेहतर और स्वस्थ जीवन का आधार तैयार हो सके।