बड़ी खबर: दिल्ली में 30% वोटर्स के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कटने का खतरा, जानिए पूरी जानकारी

दैनिक ब्रेकिंग्स की इस रिपोर्ट के अनुसार, 17 अगस्त की डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही दिल्ली के 1.45 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स में से लगभग 30% वोटर्स के आगामी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल रिवीजन से बाहर होने का जोखिम पैदा हो गया है।
* बूथ लेवल ऑफिसर्स को एन्यूमरेशन फॉर्म इकट्ठा करने में भारी संघर्ष करना पड़ा है।
* अधिकारियों का अनुमान है कि इन अनकलेक्टेड डॉक्यूमेंट्स में से 75% लोग वे हैं जिन्होंने या तो अपना घर बदल लिया है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या जिनके नाम डुप्लीकेट एंट्री के रूप में रजिस्टर्ड हैं।
* अब तक लगभग 66.7% फॉर्म्स का वेरिफिकेशन डिजिटाइज किया जा चुका है, लेकिन काम की धीमी गति ने फाइनल लिस्ट की सटीकता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
वोटर लिस्ट पब्लिकेशन और सुधार प्रक्रिया
इलेक्शन अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 24 अगस्त को पब्लिश होने वाले ड्राफ्ट रोल से जिन भी लोगों के नाम हटाए जाएंगे, उन्हें स्थायी रूप से नहीं निकाला गया है। नाम जोड़ने या सुधार के लिए क्लेम और ऑब्जेक्शन दर्ज करने की फॉर्मल विंडो 24 अगस्त से 23 सितंबर तक खुली रहेगी, और इन शिकायतों का फाइनल डिस्पोजल 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
इलेक्शन कमीशन और राजनीतिक विवाद
Election Commission of India द्वारा मैनेज की जा रही इस रिवीजन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। अपोजिशन पार्टीज ने यह आरोप लगाया है कि डॉक्यूमेंटेशन की कड़ी जरूरतें और पुराने वोटर डेटा पर निर्भरता के कारण 27 अक्टूबर को फाइनल पब्लिकेशन से पहले किराएदारों और युवा वोटर्स को अनफेयर तरीके से मताधिकार से वंचित किया जा सकता है।