दिल्ली के मतदाताओं को बड़ी राहत, 2002 की वोटर लिस्ट के आधार पर नहीं कटेंगे नाम: Election Commission

Kittu Kumari6 August 20262 min read130 viewsDelhi Local
दिल्ली के मतदाताओं को बड़ी राहत, 2002 की वोटर लिस्ट के आधार पर नहीं कटेंगे नाम: Election Commission

दिल्ली में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बीच Election Commission of India (ECI) ने स्पष्ट किया है कि 2002 की वोटर लिस्ट में नाम न होने पर किसी भी मतदाता का नाम अपने आप नहीं काटा जाएगा। यह अपडेट उन चिंताओं को दूर करता है जो राजधानी में Booth Level Officers (BLOs) द्वारा किए जा रहे घर-घर वेरिफिकेशन के दौरान सामने आ रही थीं।

* दिल्ली के Chief Electoral Officer (CEO) के अनुसार, ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से नाम तभी हटाया जाएगा जब कोई व्यक्ति तय डेडलाइन तक भरा हुआ enumeration form जमा नहीं करता है या फिर वह वोटर बनने की पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करता है।

* जिन मतदाताओं के नाम 2002 के SIR में नहीं हैं, उन्हें enumeration form में माता-पिता या दादा-दादी जैसे रिश्तेदारों का विवरण देने की सलाह दी गई है।

* रिश्तेदारों का विवरण न होने पर भी फॉर्म जमा करने से ड्राफ्ट रोल में नाम शामिल हो जाएगा, जिसके बाद 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 के बीच नोटिस जारी किए जाएंगे।

* इन नोटिसों के तहत मतदाताओं को अपना नाम बनाए रखने के लिए Electoral Registration Officers (EROs) के सामने जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे। 2002 की वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए CEO Delhi website पर अपलोड कर दी गई है।

दिल्ली में SIR की नई समय-सीमा और वेरिफिकेशन प्रक्रिया

ECI ने दिल्ली के लिए SIR की टाइमलाइन में संशोधन किया है, जिसके तहत BLOs 17 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर वेरिफिकेशन का काम जारी रखेंगे। ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन 24 अगस्त 2026 को तय किया गया है, जिसके बाद 23 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का दौर शुरू होगा।

फाइनल इलेक्टोरल रोल और संवैधानिक वैधता

फाइनल इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन 27 अक्टूबर 2026 को किया जाना तय है। देशव्यापी SIR प्रक्रिया की घोषणा सबसे पहले 27 अक्टूबर 2025 को Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar द्वारा की गई थी, और इसकी संवैधानिक वैधता को Supreme Court of India द्वारा मई 2026 में बरकरार रखा गया था।

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