दिल्ली में मतदाता सूची संशोधन की अंतिम तिथि 4 दिसंबर 2026 तक बढ़ी

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की समय सीमा को चुनाव आयोग ने आगे बढ़ा दिया है। अब दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। इसके चलते नोटिस, दावों और आपत्तियों के निस्तारण की नई समय सीमा 30 नवंबर 2026 तय की गई है। अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 दिसंबर 2026 को किया जाएगा, जो कि पहले तय 4 नवंबर के लक्ष्य से एक महीना बाद है। 14 मई 2026 को प्रक्रिया शुरू होने के बाद से यह चौथी बार है जब समय सारणी में बदलाव किया गया है। यह फैसला दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के 23 सितंबर 2026 के औपचारिक अनुरोध के बाद लिया गया, जिसमें राजनीतिक दलों की मांग भी शामिल थी।
नए रजिस्ट्रेशन की कम संख्या इस विस्तार का मुख्य कारण रही है। 31 अगस्त को जब ड्राफ्ट सूची प्रकाशित हुई, तब से नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 के केवल 1.21 लाख से 1.27 लाख आवेदन ही मिले हैं, जबकि लगभग 47.5 लाख लोग ड्राफ्ट सूची से गायब पाए गए थे। इसके अलावा, सितंबर के मध्य तक दावे और आपत्तियों से जुड़ी 93 प्रतिशत सुनवाई लंबित थीं। ड्राफ्ट सूची में शामिल करीब 33.1 लाख मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों या पिछले रिकॉर्ड से मिलान न होने के कारण चिह्नित किया गया था।
दस्तावेजों को लेकर मतदाताओं की परेशानी को कम करने और इन बाधाओं को दूर करने के लिए चुनाव आयोग ने एक आसान सत्यापन प्रक्रिया शुरू की है। अब बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ को घर-घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाने का काम सौंपा गया है। इन दस्तावेजों को सीधे ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा, जिसकी समीक्षा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी करेंगे। इससे मतदाताओं को खुद चुनाव कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि इस समय सीमा के बढ़ने से विसंगतियों को दूर करने के लिए जरूरी समय मिल रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया पर राजनीतिक सवाल भी उठे हैं। आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के इस प्रबंधन की आलोचना की है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में तुरंत कोई चुनाव न होने के कारण लोगों में इस रजिस्ट्रेशन अभियान को लेकर रुचि कम दिखाई दे रही है।