दिल्ली: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की जद्दोजहद, 4.5 लाख आवेदनों में से बहुत कम हुए प्रोसेस

दिल्ली में लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का हिस्सा बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं और नए मतदाताओं के लिए चिंता की बात है। दिल्ली मुख्य निर्वाचन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए दिए गए दिल्ली वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म 6 के आवेदनों के निपटारे में भारी सुस्ती देखी जा रही है। आंकड़ों की मानें तो 20 अक्टूबर, 2026 तक कुल 4,56,913 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद से केवल करीब 1.15 लाख आवेदनों पर ही कार्रवाई हो पाई है।
हैरानी की बात यह है कि कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि 42 दिनों की अवधि में केवल 1,238 आवेदनों का फैसला लिया गया, जो कि कुल आवेदनों का महज 0.27% है। इस धीमी रफ्तार का असर दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 15 पर साफ दिख रहा है, जहां अब तक एक भी फॉर्म 6 आवेदन का निपटारा नहीं हुआ है। उत्तर जिला तो ऐसा है जहां 36,000 आवेदनों में से केवल 27 को ही प्रोसेस किया गया है। इसके उलट, आपत्ति और नाम हटाने से जुड़े फॉर्म 7 के 5,800 आवेदनों को निपटा लिया गया है।
नियमों का कन्फ्यूजन और कानूनी पेंच
आवेदकों के बीच केवल प्रोसेसिंग की देरी ही समस्या नहीं है, बल्कि फॉर्म 6 में "नए मतदाताओं" के लिए दिए गए एक डिक्लेरेशन (घोषणा) को लेकर भारी भ्रम है। पहले से पंजीकृत मतदाताओं को डर है कि इस फॉर्म को भरने से उन पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत गलत बयान देने का मामला दर्ज हो सकता है। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 अक्टूबर को दो याचिकाकर्ताओं के मामले में इन चिंताओं को गलत बताया था, लेकिन इस मुद्दे पर अब 28 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
इस उलझन को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी चुनाव आयोग से इस फॉर्म में बदलाव करने और "नए मतदाता" शब्द को हटाने का अनुरोध किया है ताकि पुराने मतदाता बिना किसी डर के आवेदन कर सकें।
फिलहाल, 31 अगस्त से 30 अक्टूबर तक स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का लक्ष्य 30 नवंबर तक सभी आवेदनों का निपटारा करना है, ताकि 4 दिसंबर, 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जा सके। वहीं, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए चुनाव आयोग ने 25 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली के सभी पोलिंग स्टेशनों पर विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है।