दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन: 33 लाख मामलों में से 20 लाख का निपटारा, CEO ने दी जानकारी

दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के मुताबिक, वोटर लिस्ट में सुधार के लिए चिह्नित किए गए करीब 33 लाख मामलों में से 60% से ज्यादा का निपटारा कर लिया गया है। 13 अक्टूबर 2026 तक करीब 20 लाख केस सुलझाए जा चुके हैं, जिनमें से 19 लाख केस तो पिछले दो हफ्तों के भीतर ही क्लियर किए गए हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला उन मतदाताओं का है जिन्हें वोटर डिटेल्स में विसंगतियों या 2002 की वोटर लिस्ट से लिंक न होने के कारण नोटिस भेजे गए थे। अब चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को आसान बनाया है, जिससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो रहा है।
सत्यापन प्रक्रिया में हुए बड़े बदलाव
प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए चुनाव आयोग के ECINET पोर्टल पर नए विकल्प जोड़े गए हैं और वेरिफिकेशन सेंटर्स पर सख्ती कम की गई है। अब इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की रिपोर्ट के आधार पर मतदाताओं को पात्र घोषित कर सकते हैं। अब फिजिकल डॉक्यूमेंट्स या व्यक्तिगत सुनवाई की अनिवार्य शर्त को हटा दिया गया है।
अधिकारियों ने अब अपना ध्यान 2002 की लिस्ट से लिंक करने के बजाय बुनियादी पात्रता जैसे भारतीय नागरिकता, उम्र और निर्वाचन क्षेत्र में निवास की पुष्टि करने पर केंद्रित किया है। साथ ही, अब स्कैन किए गए दस्तावेजों को स्वीकार किया जा रहा है और मतदाताओं के लिए अनिवार्य फोटो अटेंडेंस की शर्त भी खत्म कर दी गई है।
दिल्ली CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा। अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
जिन लोगों को नोटिस मिले थे, उनके जवाब देने की समय सीमा 30 सितंबर थी, लेकिन अभी भी राहत उपलब्ध है। मतदाता 30 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए 18 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे।