वोटर लिस्ट में सुधार के लिए दिल्ली के मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़, दस्तावेजों की जांच जारी
दिल्ली में वोटर लिस्ट की विसंगतियों को दूर करने के लिए मतदाता केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। जानें अंतिम समय सीमा और जरूरी दस्तावेज।

दिल्ली के हजारों मतदाता इन दिनों अपनी चुनावी पहचान सुरक्षित करने के लिए मतदान केंद्रों का रुख कर रहे हैं। दरअसल, वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के तहत जारी किए गए नोटिसों के जवाब में लोग जरूरी दस्तावेज जमा कर रहे हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में चल रहे इस अभियान का मकसद वोटर लिस्ट से गलतियों और विसंगतियों को हटाकर उसे पूरी तरह अपडेट करना है।
इस पूरी प्रक्रिया में डेटा मैपिंग की गलतियों और उम्र से जुड़ी विसंगतियों जैसे मुद्दों को सुलझाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कुल 33 लाख नोटिसों में से लगभग 26.5 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को घर-घर जाकर दस्तावेज इकट्ठा करने का अधिकार दिया है, ताकि लोगों को चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) के दफ्तरों में लंबी लाइनों में न लगना पड़े।
दस्तावेजों का सत्यापन और समय सीमा
सत्यापन के लिए आधिकारिक तौर पर 12 तरह के दस्तावेजों की सूची तय की गई है, लेकिन यदि चुनाव पंजीकरण अधिकारी किसी वैकल्पिक दस्तावेज से संतुष्ट हैं, तो वे उसे भी स्वीकार कर सकते हैं। यह पूरी कवायद इसलिए और महत्वपूर्ण हो गई क्योंकि 31 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 47.5 लाख मतदाताओं के नाम गायब थे, जिससे काफी विवाद खड़ा हो गया था।
जनता की चिंता और सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रियाओं के बाद, दावों और आपत्तियों को दर्ज करने की समय सीमा बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई थी। अब इन सभी दावों का अंतिम निपटारा 30 नवंबर तक किया जाएगा। इसके बाद, दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।