दिल्ली में वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का तीसरा चरण पूरा, 67 प्रतिशत से ज्यादा डेटा डिजिटाइज्ड

Kittu Kumari18 August 20262 min read140 viewsDelhi Local
दिल्ली में वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का तीसरा चरण पूरा, 67 प्रतिशत से ज्यादा डेटा डिजिटाइज्ड

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने इलेक्टोरल रोल के Special Intensive Revision (SIR) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण को पूरा कर लिया है। इसमें घर-घर जाकर फॉर्म बांटने और डिजिटाइजेशन का काम शामिल था। यह अभियान 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच चलाया गया, जिसमें 1,45,10,299 मतदाताओं को फॉर्म बांटे गए। Special Intensive Revision of Electoral Rolls in Delhi and Four States के अनुसार, इनमें से 9,747,879 फॉर्म सफलतापूर्वक डिजिटाइज करके ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए, जो 67.18 प्रतिशत की कंप्लीशन रेट को दिखाता है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, फॉर्म जमा न होने या वेरिफाई न होने के कारण लगभग 4.76 करोड़ (47.62 million) मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से हटाए जा सकते हैं Voters Services Portal

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जिलावार प्रदर्शन और शहरी क्षेत्रों के आंकड़े

जिलावार प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला, जिसमें आउटर नॉर्थ जिला 75.68 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, तुगलकाबाद और ओखला विधानसभा क्षेत्रों में सबसे कम रेट दर्ज की गई, जो क्रमशः 52.15 प्रतिशत और 54.67 प्रतिशत रहीं। दूसरी ओर, रोहिणी इलाके ने 83.43 प्रतिशत की डिजिटाइजेशन रेट हासिल की। अधिकारियों ने शहरी केंद्रों में नाम कटने की उच्च दरों (deletion rates) की वजह वहां बड़ी संख्या में बाहर से आकर रहने वाली आबादी (transient populations) की मौजूदगी को बताया है Election Commission of India Hindi Portal

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशन और आगे का शेड्यूल

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 24 अगस्त 2026 को तय किया गया है, जिसके साथ ही क्लेम और आपत्तियों (claims and objections) की अवधि शुरू हो जाएगी जो 23 सितंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान ड्राफ्ट से छूटे हुए मतदाताओं को फॉर्म 6 जमा करने का मौका मिलेगा। क्लेम और आपत्तियों का अंतिम निपटारा 3 अक्टूबर 2026 को होगा, और इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया की गति को लेकर चिंता जताई है, जबकि भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA-2) के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।

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