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Delhi Voter List Update: स्पेशल रिवीजन अभियान में कट सकते हैं 25% तक नाम, जानिए पूरी डिटेल!

दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत वोटर लिस्ट से 20 से 25 प्रतिशत तक नाम हटाए जा सकते हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को एकदम सही करना है। दिल्ली में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत कई लोगों के नाम लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।
दिल्ली के वोटर्स के लिए मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- वोटर लिस्ट से 20 से 25 प्रतिशत नाम कम होने की संभावना है।
- घर-घर जाकर वेरिफिकेशन और फॉर्म बांटने की डेडलाइन 8 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई थी।
- लगभग 29 लाख वोटर अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिले हैं।
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 17 अगस्त 2026 को पब्लिश होगी।
- फाइनल वोटर लिस्ट अब 19 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान की जरूरी बातें
यह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान 30 जून 2026 को शुरू हुआ था। इस प्रक्रिया को भारत निर्वाचन आयोग (ECI), दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) मिलकर चला रहे हैं। 30 जुलाई 2026 तक लगभग 29 लाख वोटर्स वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं पाए गए थे। नाम कटने के मुख्य कारणों में लोगों का दूसरी जगह शिफ्ट होना, पते अपडेट न कराना, एक से ज्यादा जगह रजिस्ट्रेशन होना, मृत मतदाता और बिना जानकारी के जगह बदलना शामिल है।
कब आएगी नई वोटर लिस्ट और कैसे चेक करें नाम?
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 17 अगस्त 2026 को पब्लिश की जाएगी, जिसके बाद नाम हटने के असली आंकड़े सामने आएंगे। इसके अलावा, क्लेम और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक तय की गई है। अधिकारियों द्वारा बेघर लोगों और एंटी-एक्रोचमेंट ड्राइव से प्रभावित परिवारों के लिए वोटिंग अधिकार सुरक्षित रखने पर भी चर्चा की जा रही है। वोटर्स अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और ECI Net पोर्टल या Voter Service App का उपयोग करके करेक्शन या नए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी वोटर का नाम 2002 की लिस्ट में नहीं है, तो वे अपने माता-पिता या दादा-दादी के नाम और रिश्ते की डिटेल देकर अपनी एलिजिबिलिटी साबित कर सकते हैं।