दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन कैंप में रही कम भीड़, हजारों आवेदन अब भी लंबित
दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण के आखिरी विशेष कैंप में लोगों की उम्मीद से कम turnout रहा। जानें क्या है पूरा मामला।

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आखिरी चरण के कैंपों में रविवार को उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं दिखी। शहर के करीब 15,000 मतदान केंद्रों पर आयोजित इन कैंपों में केवल 3,000 लोगों ने अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 जमा किया। वहीं, नाम हटाने या सुधार के लिए करीब 1,000 आवेदन फॉर्म-7 और 8 के जरिए दिए गए। दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन की यह प्रक्रिया उस समय चर्चा में आई जब ड्राफ्ट लिस्ट से करीब 47.6 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे।
चुनाव आयोग ने हटाए गए मतदाताओं को दोबारा जोड़ने के लिए 1 अक्टूबर 2026 को एक विशेष अभियान शुरू किया था। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। पूर्व चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने चेतावनी दी थी कि जो लोग पहली बार मतदाता के रूप में आवेदन कर रहे हैं, उनके लिए कुछ कानूनी जोखिम हो सकते हैं।
पेंडिंग आवेदनों का अंबार और प्रशासनिक चुनौतियां
आंकड़ों पर नजर डालें तो 22 अक्टूबर 2026 तक केवल 1.07 लाख फॉर्म-6 आवेदनों का निपटारा हो पाया है, जबकि 3.5 लाख से ज्यादा आवेदन अभी भी लंबित हैं। नाम हटाने के लिए आए 67,709 आवेदनों में से अब तक 47,105 पर कार्रवाई की गई है।
बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के मुताबिक, हालिया कैंपों में उनका ज्यादातर समय प्रशासनिक नोटिसों को सुलझाने और घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करने में बीता, जिससे कैंपों में आवेदकों की संख्या कम रही।
विवादों को देखते हुए चुनाव आयोग ने कुछ सुरक्षा उपाय भी किए हैं। अब यदि किसी मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं के 2% से अधिक नाम हटाए जाते हैं, तो इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को उसकी दोबारा जांच करनी होगी।
- दावा और आपत्ति की अंतिम तिथि: 30 अक्टूबर 2026
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 4 दिसंबर 2026