दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन की समय सीमा बढ़ी, अब 25 नवंबर तक दर्ज कराएं दावे और आपत्तियां
चुनाव आयोग ने दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन बढ़ाई है। अब 25 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।

अगर आप दिल्ली के निवासी हैं और अपनी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या सुधार करवाने की तैयारी कर रहे थे, तो आपके लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन (Special Intensive Revision) की समय सीमा अब बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अब दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 25 नवंबर, 2026 होगी। इससे पहले यह डेडलाइन 30 अक्टूबर, 2026 तय की गई थी।
चुनाव आयोग का यह फैसला दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है। अदालत ने मतदाताओं को पर्याप्त समय देने की बात कही थी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। आयोग ने 'पंजीकरण ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के नियम 12 के तहत इस बदलाव को लागू किया है।
अब क्या है नई समय सीमा और प्रक्रिया?
वोटर लिस्ट को अपडेट करने की इस पूरी प्रक्रिया के लिए अब नया शेड्यूल जारी किया गया है। अब सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 15 दिसंबर, 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 दिसंबर, 2026 को होगा, जबकि पहले यह तारीख 4 दिसंबर तय थी।
बता दें कि दिल्ली में यह विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 30 जून, 2026 को शुरू हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करना और मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक बनाना है। इस प्रक्रिया के लिए तीन मुख्य फॉर्म तय किए गए हैं:
- फॉर्म 6: नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए।
- फॉर्म 7: किसी नाम पर आपत्ति जताने या उसे हटाने के लिए।
- फॉर्म 8: पते में सुधार या अन्य बदलावों के लिए।
इस समय सीमा को बढ़ाने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि 31 अगस्त, 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में लगभग 47.56 लाख मतदाताओं के नाम छूट गए थे। आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक 5.7 लाख से अधिक फॉर्म 6 प्राप्त हो चुके थे। खास बात यह है कि यह संशोधित शेड्यूल केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नागालैंड के लिए भी लागू किया गया है।