दिल्ली में Special Intensive Electoral Revision पूरा, 47 लाख से ज्यादा वोटर लिस्ट से हो सकते हैं बाहर

दिल्ली में स्पेशल इन्टेंसिव इलेक्टोरल रिवीजन (SIR) का काम पूरा हो गया है। इसके तहत दिल्ली की वोटर लिस्ट में से 47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटने का खतरा बना हुआ है, जो कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं का लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा है। यह पूरी प्रक्रिया बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर किए गए वेरिफिकेशन के आधार पर की गई है। अगस्त के मध्य तक लगभग 97.2 लाख फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, पेंडिंग फॉर्म्स में ज्यादातर वे लोग शामिल हैं जो अनुपस्थित, शिफ्ट हो चुके या मृत घोषित किए गए हैं, हालांकि ड्राफ्ट रोल से नाम हटना जरूरी नहीं कि स्थायी हो, जैसा कि NewsOnAir की रिपोर्ट में बताया गया है।
क्षेत्रीय आंकड़े और जिलों की स्थिति
राजधानी के अलग-अलग इलाकों में इस काम की प्रगति अलग-अलग रही है। क्षेत्रीय डेटा के अनुसार, साउथ ईस्ट दिल्ली में डिजिटाइजेशन का रेट सबसे कम 55.94 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, आउटर नॉर्थ जिला 75.66 प्रतिशत के साथ सबसे आगे चल रहा है। इन सभी आंकड़ों और वेरिफिकेशन के बाद दिल्ली की मतदाता सूची पर काम आगे बढ़ रहा है।
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल और आगे की तारीखें
दिल्ली का ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 24 अगस्त 2026 को पब्लिश किया जाना तय किया गया है। इसके साथ ही 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक क्लेम और आपत्तियों का दौर शुरू होगा। जिन नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं या जो अपनी डिटेल्स अपडेट कराना चाहते हैं, वे 27 अक्टूबर 2026 को फाइनल रोल पब्लिश होने से पहले अपने क्लेम दर्ज करा सकते हैं।