दिल्ली: 47.6 लाख हटाए गए वोटरों का होगा पुन: सत्यापन, चुनाव आयोग ने शुरू किया खास अभियान

दिल्ली के लाखों मतदाताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। चुनाव आयोग के निर्देश पर दिल्ली के चुनाव अधिकारियों ने एक विशेष पुन: सत्यापन अभियान (Re-verification drive) शुरू किया है। यह कदम उन 47.6 लाख वोटरों के लिए उठाया गया है जिनके नाम 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले छूट न जाए।
दरअसल, 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद कई ऐसी शिकायतें सामने आईं, जिनमें लोगों को गलती से 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट' (ASDD) के रूप में चिह्नित कर दिया गया था। इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए अब करीब 15,000 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को तैनात किया गया है। ये अधिकारी घर-घर जाकर वोटरों की स्थिति की जांच करेंगे और जिन्हें अपना नाम दोबारा जुड़वाना है, उन्हें फॉर्म 6 भरने में मदद करेंगे।
विशेष कैंप और आवेदन की समय सीमा
वोटरों की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने विशेष इंतजाम किए हैं। सभी पोलिंग स्टेशनों पर 18 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां लोग अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। अगर किसी का नाम सूची से कट गया है और वह उसे दोबारा जुड़वाना चाहता है, तो उसे 30 अक्टूबर तक फॉर्म 6 जमा करना होगा।
इसके अलावा, अधिकारी उन 33.12 लाख वोटरों के डेटा में मौजूद तकनीकी विसंगतियों (Logical Discrepancies) को दूर करने में जुटे हैं, जिन्हें ठीक करने की समय सीमा भी 30 अक्टूबर तय की गई है। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) अशोक कुमार के मुताबिक, अब तक करीब 25 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है।
हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया कानूनी चर्चा का विषय भी बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट 30 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई करेगा, क्योंकि चुनौती दी गई है कि हटाए गए वोटरों से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहा है, जबकि यह फॉर्म आमतौर पर नए आवेदकों के लिए होता है। दूसरी ओर, दिल्ली भाजपा ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम बताया है।
बता दें कि इस पूरे सत्यापन अभियान के बाद 4 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।