दिल्ली में 47.5 लाख मतदाताओं का पुन: सत्यापन शुरू, घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी

दिल्ली के लाखों मतदाताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। चुनाव अधिकारियों ने उन करीब 47.5 लाख लोगों के नाम दोबारा जांचने और सत्यापित करने का काम शुरू कर दिया है, जिनके नाम 31 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हो गए थे। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशानुसार यह 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी योग्य नागरिक अपने वोट देने के अधिकार से वंचित न रह जाए।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि अब तक कुल 33.12 लाख मामलों में नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से लगभग 25 लाख मामलों को सुलझा लिया गया है। जो मामले अभी बाकी हैं, उन्हें 30 अक्टूबर 2026 तक हल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करें और पात्र लोगों को फॉर्म 6 भरने में मदद करें ताकि उनका नाम अंतिम सूची में शामिल हो सके।
युवाओं के लिए विशेष कैंप और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि छोटी-मोटी तकनीकी गलतियों की वजह से किसी भी आवेदन को सीधे खारिज न किया जाए। वहीं, पहली बार वोट देने वाले युवाओं और नए पात्र मतदाताओं के लिए 18 और 25 अक्टूबर 2026 को विशेष सत्यापन शिविर लगाए जाएंगे। इस बार 1 जनवरी 2027 को पात्रता तिथि (Qualifying Date) माना गया है।
गौरतलब है कि यह पूरी कवायद 14 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद और तेज हुई है, जिसमें उन मतदाताओं की समस्या पर गौर किया गया था जिन्हें दोबारा फॉर्म 6 भरने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा था। अब इस पूरी प्रक्रिया के बाद अपडेटेड वोटर लिस्ट 4 दिसंबर 2026 को अंतिम रूप से प्रकाशित की जाएगी।