दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सुलझाए 94% नोटिस, अब अंतिम प्रकाशन की तैयारी
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वोटर लिस्ट के 94% नोटिस सुलझाए। जानें अंतिम प्रकाशन और आवेदन की डेडलाइन।

दिल्ली में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चलाया गया स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान अब अपने अंतिम चरण में है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने जानकारी दी है कि इस अभियान के तहत जारी किए गए 94% से अधिक नोटिसों का सफलतापूर्वक निपटारा कर लिया गया है। इसका मतलब है कि करोड़ों मतदाता अब अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के लिए पात्र हो गए हैं, जिसका प्रकाशन 4 दिसंबर 2026 को किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये नोटिस केवल डेटा सत्यापन और मतदाताओं को अपनी बात रखने का मौका देने के लिए भेजे गए थे। कई लोगों के मन में यह डर था कि नोटिस मिलने का मतलब नाम का कटना है, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया कि यह प्रक्रिया केवल वेरिफिकेशन के लिए थी। इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए प्रशासन ने अपनी निगरानी टीम को तीन गुना बढ़ाया और 600 अतिरिक्त सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) को तैनात किया।
पंजीकरण और सत्यापन के आंकड़े
चुनाव कार्यालय के मुताबिक, कुल 33.14 मिलियन नोटिस भेजे गए थे, जिनमें से 31.26 मिलियन मामलों को हल कर लिया गया है। बाकी बचे 6% मामलों पर काम जारी है और इन्हें 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर किसी नागरिक को कोई दावा या आपत्ति दर्ज करानी है, तो वे 30 अक्टूबर 2026 तक ऐसा कर सकते हैं।
विशेष पंजीकरण अभियानों के दौरान प्रशासन को 38,849 आवेदन मिले, जिनमें नए मतदाताओं के लिए 27,510 फॉर्म-6 जमा किए गए। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की बात करें तो शुरुआती 14.5 मिलियन के मुकाबले अब 97.53 मिलियन मतदाता शामिल हैं। वहीं, मृत्यु, पलायन या दोहराव जैसे कारणों से 4.756 मिलियन नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा, बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करने के बाद 1.934 मिलियन तार्किक विसंगतियों में से 1.896 मिलियन मामलों को सुलझा लिया गया है।