दिल्ली वोटर लिस्ट: चुनाव आयोग ने निपटाए 60% नोटिस, अब घर आकर वेरिफिकेशन करेंगे BLO

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली वोटर लिस्ट: चुनाव आयोग ने निपटाए 60% नोटिस, अब घर आकर वेरिफिकेशन करेंगे BLO

दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत जारी किए गए नोटिसों के निपटारे में बड़ी तेजी आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), दिल्ली ने बताया कि कुल 33 लाख जारी नोटिसों में से अब तक 20 लाख का समाधान कर लिया गया है, जो करीब 60% काम पूरा होने का संकेत है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दो हफ्तों में ही 19 लाख मामलों को क्लियर किया गया है। यह तेजी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देशों और ECINET पोर्टल पर नई सुविधाओं के जुड़ने के बाद आई है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से न कट जाए।

वेरिफिकेशन के लिए अब सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं

चुनाव आयोग ने सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में बड़ी ढील दी है। अब मतदाताओं को सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाने या औपचारिक सुनवाई में शामिल होने की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) खुद घर जाकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे। साथ ही, अगर नाम की स्पेलिंग में कोई छोटी गलती है, तो BLO उसे वहीं ठीक कर सकेंगे, जिसके लिए अब भारी-भरकम कागजी कार्रवाई की मांग नहीं की जाएगी।

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एक BLO ट्रेनर के मुताबिक, अगर किसी मतदाता के पास कोई विशेष दस्तावेज नहीं है, तो BLO द्वारा दिया गया एक अंडरटेकिंग (वचन पत्र) भी पर्याप्त माना जा सकता है। इसके अलावा, 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच पोर्टल पर नए विकल्प जोड़े गए हैं, जिससे निर्वाचन अधिकारी अब केवल हियरिंग ऑर्डर अपलोड करके मामलों को तेजी से फाइनल कर पा रहे हैं। दिल्ली CEO ने साफ किया है कि अगर कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है, उसकी उम्र सही है और वह वहां का निवासी है, तो तकनीकी खामियों की वजह से उसकी पात्रता पर असर नहीं पड़ेगा।

आने वाले दिनों में मतदाताओं की मदद के लिए 18 और 25 अक्टूबर को विशेष कैंप लगाए जाएंगे। दावा और आपत्ति दर्ज कराने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर है, जबकि सभी नोटिसों का निपटारा 30 नवंबर तक करने का लक्ष्य है। अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।

हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। 12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया और एक संयुक्त याचिका दायर की। विपक्ष ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। विपक्षी गठबंधन का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया बिना अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के की गई है, इसलिए उन्होंने इस संशोधन कार्य को रोकने और हटाए गए मतदाताओं के बूथ-वार डेटा को सार्वजनिक करने की मांग की है।

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