दिल्ली वोटर लिस्ट से 47.6 लाख नाम कटे, दोबारा जुड़ने पर मचा बवाल

दिल्ली की वोटर लिस्ट से 47.6 लाख नाम हटाए गए हैं। अब इन्हें वापस जोड़ने की प्रक्रिया और कानूनी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट नजर रखेगा।

Kittu Kumari24 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली वोटर लिस्ट से 47.6 लाख नाम कटे, दोबारा जुड़ने पर मचा बवाल

दिल्ली की मतदाता सूची में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के बाद दिल्ली की ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स से करीब 47.6 लाख नाम हटा दिए गए हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, ये नाम 'एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट' (ASDD) कैटेगरी के तहत हटाए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया ने अब एक कानूनी विवाद का रूप ले लिया है, क्योंकि जिन लोगों के नाम कटे हैं, उन्हें वापस जोड़ने के लिए जिस फॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह विवादित हो गया है।

दरअसल, नाम वापस जुड़वाने के लिए मतदाताओं को 'फॉर्म 6' भरना पड़ रहा है। समस्या यह है कि इस फॉर्म में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि वह "पहली बार" पंजीकरण करा रहा है। कानूनी जानकारों और याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जो लोग पहले से वोटर थे और अब दोबारा नाम जुड़वा रहे हैं, उनके लिए यह घोषणा गलत होगी। ऐसी स्थिति में उन पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई होने का खतरा मंडरा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिस पर 28 अक्टूबर 2026 को सुनवाई होनी है। याचिका में मांग की गई है कि नाम बहाली के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें किसी को गलत घोषणा न करनी पड़े।

रजिस्ट्रेशन कैंप और आवेदनों की स्थिति

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आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 सितंबर से दिल्ली में विशेष पंजीकरण कैंप शुरू किए गए थे। 22 अक्टूबर तक करीब 89,000 कैंप लगाए गए, जिनसे 1,58,470 फॉर्म 6 प्राप्त हुए। इसके अलावा, 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने से पहले भी 2,12,400 आवेदन प्रोसेस किए गए थे। कुल मिलाकर अब तक केवल 2,50,754 आवेदन ही मिले हैं, जबकि हटाए गए नामों की संख्या बहुत ज्यादा है।

  • सबसे ज्यादा आवेदन: पश्चिम दिल्ली जिले से सबसे अधिक आवेदन आए हैं।
  • सबसे कम आवेदन: नई दिल्ली जिले में आवेदनों की संख्या सबसे कम दर्ज की गई है।
  • सत्यापन प्रक्रिया: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) फिलहाल घर-घर जाकर उन 47.6 लाख प्रविष्टियों की जांच कर रहे हैं जिन्हें हटाया गया है।

चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे की अंतिम समय सीमा 30 नवंबर 2026 तय की गई है। इसके बाद 4 दिसंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।

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