दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट: नाम जुड़वाने की मची होड़, आवेदनों में भारी उछाल

दिल्ली में लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की तैयारी के बीच वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट के लिए चलाए गए विशेष गहन संशोधन (SIR) 2026 अभियान के तहत लोगों ने भारी उत्साह दिखाया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो नाम जुड़वाने के आवेदनों और नाम हटाने की शिकायतों के बीच 16:1 का बड़ा अंतर देखने को मिला है, जो यह दर्शाता है कि शहर के नागरिक मतदान प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बेहद उत्सुक हैं।
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त से 19 अक्टूबर 2026 के बीच करीब 2,42,000 आवेदन केवल वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए प्राप्त हुए। वहीं, इस दौरान नाम हटाने के लिए केवल 14,747 अनुरोध आए, जबकि पते में बदलाव या डेटा सुधार के लिए 92,196 आवेदन जमा किए गए। विशेष रूप से फॉर्म-6 के जरिए 15 अक्टूबर तक ही 2.30 लाख से अधिक नए रजिस्ट्रेशन दर्ज किए जा चुके हैं।
चुनाव आयोग ने बढ़ाई समय सीमा, BLO कर रहे घर-घर सर्वे
मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 दिसंबर 2026 को किया जाएगा।
इस अभियान के दौरान एक चुनौती यह भी रही कि ड्राफ्ट रोल से तार्किक विसंगतियों के कारण लगभग 47 लाख नाम हटा दिए गए थे। इस खबर से आम जनता में चिंता बढ़ी, जिसके बाद प्रशासन ने उन लोगों की मदद के लिए विशेष प्रयास शुरू किए हैं जिनका नाम गलती से कट गया था। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर नहीं रहेगा। इसके लिए मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं ताकि हर योग्य नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके।