वोटर लिस्ट की गलतियां सुधारने के लिए दिल्ली के हर जिले में खुले हेल्पडेस्क

अगर आप दिल्ली के निवासी हैं और आपकी वोटर लिस्ट यानी मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए हर जिले में विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए हैं। चुनाव विभाग का लक्ष्य बिल्कुल साफ है— "कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर नहीं रहना चाहिए।"
प्रशासन अब उन पात्र नागरिकों को जोड़ने और डेटा की विसंगतियों को ठीक करने में जुटा है, जिनके नाम सूची में नहीं हैं या जिनमें कोई त्रुटि है। अगर किसी मतदाता को सहायता चाहिए या वह कोई शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो वह टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल कर सकता है। यह सेवा रोजाना सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध है।
रजिस्ट्रेशन कैंप और सुधार की प्रक्रिया
31 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें 97 लाख से ज्यादा मतदाता दर्ज थे। अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 33 लाख ऐसी प्रविष्टियां मिली थीं जिनमें तकनीकी या तार्किक खामियां थीं, जिनमें से अब तक 20 लाख से ज्यादा मामलों को दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सुलझा लिया गया है। इस प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए 18 और 25 अक्टूबर 2026 को विशेष पंजीकरण और सुधार कैंप लगाए जाएंगे।
चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया है। इसके लिए 14,947 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की जिम्मेदारी तय की गई है, जो सीधे लोगों के घरों से दस्तावेज इकट्ठा कर उन्हें ऑनलाइन सबमिट करेंगे। इस पूरे अभियान में 13 जिला निर्वाचन अधिकारी, 70 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और 902 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी जुटे हुए हैं।
बता दें कि दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय सीमा अब 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया कानूनी विवादों के घेरे में भी है। कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, अमृता जौहरी और वकील प्रशांत भूषण ने इस बात को चुनौती दी है कि जिन लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए, उन्हें फिर से नए आवेदक के रूप में आवेदन करना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 28 अक्टूबर 2026 को सुनवाई करेगा। वहीं, अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने की संभावना है।