दिल्ली वोटर लिस्ट सुधार: 33 लाख मामलों में से 20 लाख की विसंगतियां दूर, CEO ने दी जानकारी

दिल्ली में मतदाता सूची को दुरुस्त करने की कवायद अब तेजी से आगे बढ़ रही है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने एक महत्वपूर्ण अपडेट देते हुए बताया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत चिह्नित लगभग 33 लाख मामलों में से 60 प्रतिशत से अधिक, यानी करीब 20 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। सबसे खास बात यह है कि इनमें से 19 लाख मामलों को पिछले दो हफ्तों के भीतर ही निपटाया गया है।
इस तेजी का मुख्य कारण चुनाव आयोग के ECINET पोर्टल पर नए विकल्पों की शुरुआत और 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच जारी किए गए नए निर्देश हैं, जिससे वेरिफिकेशन की प्रक्रिया काफी तेज हो गई है।
घर-घर पहुंच रहे BLO, आसान हुआ सुधार का तरीका
वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए अब मतदाताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रशासन ने इस प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। इसके लिए 14,947 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को तैनात किया गया है, जिन्हें निर्देश दिया गया है कि वे रोजाना कम से कम 10 नोटिसों का वेरिफिकेशन करें। अब BLO खुद लोगों के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं।
प्रशासन ने अधिकारियों को यह छूट भी दी है कि अगर नाम की स्पेलिंग जैसी छोटी गलतियां हैं, तो उन्हें बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई के तुरंत ठीक कर दिया जाए। हालांकि, उम्र, नागरिकता और निवास से जुड़े जटिल मामलों में पूरी जांच की जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि कोई भी पात्र मतदाता इस सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में इस पूरी प्रक्रिया (SIR) को जायज ठहराया था, क्योंकि यह निष्पक्ष चुनाव कराने के चुनाव आयोग के संवैधानिक कर्तव्य का हिस्सा है। अगर आप भी अपनी वोटर लिस्ट में सुधार करना चाहते हैं, तो दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा 30 अक्टूबर 2026 तक है। सभी लंबित नोटिसों और शिकायतों के निपटारे की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई है, जिसके बाद 4 दिसंबर 2026 को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।