दिल्ली वोटर लिस्ट में सुधार: CEO बोले- 33 लाख में से 20 लाख त्रुटियां दूर कीं

दिल्ली में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा करते हुए बताया कि मतदाता सूची में दर्ज 33 लाख संदिग्ध प्रविष्टियों में से अब तक 20 लाख त्रुटियों का समाधान कर लिया गया है। यह पूरी कवायद 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) 2026' के तहत की जा रही है, जिसकी शुरुआत 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद हुई थी।
निर्वाचन विभाग की इस जांच में पाया गया था कि करीब 13.79 लाख प्रविष्टियां 'नो मैपिंग' श्रेणी में थीं, जबकि 19.33 लाख मामलों में 'लॉजिकल विसंगतियां' थीं। इन विसंगतियों में मुख्य रूप से नाम का मिलान न होना, उम्र में बड़ा अंतर और परिवार के सदस्यों के विवरण में गड़बड़ी जैसे मुद्दे शामिल थे। 6 अक्टूबर 2026 तक करीब 12.8 लाख मामलों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।
ग्राउंड लेवल पर कैसे हो रहा है सत्यापन?
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा नेटवर्क लगाया है। करीब 14,947 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं। इन दस्तावेजों की समीक्षा 70 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) और 902 असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AERO) द्वारा की जा रही है। विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा भी दी गई है।
CEO ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पात्र मतदाता को अंतिम सूची से बाहर नहीं किया जाएगा। वोटर लिस्ट का फाइनल प्रकाशन 4 दिसंबर 2026 को होना तय है। नागरिकों के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर है, जबकि इन सभी का निपटारा 30 नवंबर तक कर लिया जाएगा।
हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया विवादों से अछूती नहीं रही है। विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस अभियान पर सवाल उठाए हैं। 7 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने CEO अशोक कुमार से मुलाकात कर विरोध जताया था। उनका आरोप है कि नोटिस भेजने में देरी हुई है, जिससे कई मतदाताओं के नाम कटने का खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल, शिकायतों के लिए CEO ऑफिस और 13 जिला निर्वाचन अधिकारियों को संपर्क बिंदु बनाया गया है।