दिल्ली में आ रही है नई Voter List, कटेंगे एक-तिहाई Voted Names, जानिए पूरी खबर

दिल्ली में आगामी 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल (Draft Electoral Roll) से लगभग 47.6 से 47.7 लाख रजिस्टर्ड वोटर्स के नाम हटाए जाने की संभावना है। यह आंकड़ा शहर के कुल 1.45 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। चुनाव आयोग (Election Commission of India) के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के दौरान किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में यह सबसे ज्यादा डिलीशन रेट (Deletion Rate) दर्ज किया गया है।
डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन और BLO का काम
बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले वेरिफिकेशन का एन्यूमरेशन फेज (Enumeration Phase) 17 अगस्त 2026 को पूरा हो गया था। इस चरण के अंत तक अधिकारियों ने कुल रजिस्टर्ड वोटर बेस का 67 प्रतिशत यानी 97.4 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्र और डिजिटाइज कर लिए थे। दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के अनुसार, नाम कटने की इस उच्च दर का मुख्य कारण रेजिडेंट्स द्वारा अपना घर बदलना है, चाहे वह राजधानी के भीतर हो या पड़ोसी NCR शहरों में, बिना अपने वोटर कार्ड का एड्रेस अपडेट किए। इन लोगों को एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड, डुप्लीकेट या अदर्स (ASDDO) की श्रेणी में रखा गया है।
AI सिस्टम का इस्तेमाल और डेटा की जांच
इलेक्शन अधिकारियों ने डेटा में लॉजिकल एनोमली (Logical Anomalies) यानी तार्किक विसंगतियों का पता लगाने के लिए एक AI-बेस्ड सिस्टम का भी उपयोग किया। इसमें मिसमैच नाम, असंगत उपनाम और माता-पिता व बच्चों के बीच आयु में अंतर जैसी कमियां शामिल थीं, हालांकि रिपोर्ट के अनुसार इस सिस्टम ने कुछ फॉल्स पॉजिटिव (False Positives) की भी पहचान की।
क्लेम, आपत्तियां और फाइनल वोटर लिस्ट की तारीखें
जिन वोटर्स के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा। क्लेम और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज करने की अवधि 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक है। अधिकारी 22 अक्टूबर तक इन आवेदनों का निपटारा करेंगे। योग्य वोटर्स को आधिकारिक तौर पर फाइनल इलेक्टोरल रोल में जोड़ा जाएगा, जिसका प्रकाशन 27 अक्टूबर 2026 को तय किया गया है।